मनी लॉन्ड्रिंग केस- मामले के स्थगन की मांग के लिए आयोग ने अनिल देशमुख पर लगाया 50,000 रुपए का जुर्माना
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे एक जांच आयोग ने मामले को स्थगित करने की मांग के लिए मंगलवार को उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
मुंबई, 21 दिसंबर। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे एक जांच आयोग ने मामले को स्थगित करने की मांग के लिए मंगलवार को उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जैसे ही मामला सुनवाई के लिए लाया गया, देशमुख की कानूनी टीम के एक कनिष्ठ वकील ने मामले के स्थगन की मांग करते हुए कहा कि वरिष्ठ वकील आयोग के सामने उपस्थित नहीं हो सकते क्योंकि वह किसी अन्य मामले में व्यस्त हैं।

आयोग ने अंतिम चेतावनी देते हुए मामले की सुनवाई बुधवार दोपहर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके साथ आयोग ने एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगा और जुर्माने की राशि को मुख्यमंत्री कोविड राहत कोष में जमा कराने को कहा। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भी मामले के स्थगन की मांग के लिए आयोग ने देशमुख पर 15,000 का जुर्माना लगाया था।
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बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त द्वारा देशमुख पर लगाए गए भ्रष्टाचार की जांच के लिए महाराष्ट्र ने इस साल मार्च में न्यायमूर्ति के यू चांदीवाल आयोग का गठन किया था। इस मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे वर्तमान में एकल सदस्यीय आयोग के समक्ष गवाही दे रहे हैं। बता दें कि परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को हर महीने शहर के रेस्त्रां, बार से 100 करोड़ रुपए की उगाही करने को कहा था। सीबीआई और ईडी भी इस मामले की जांच कर रही हैं। वहीं संगीन आरोपों के बाद अनिल देशमुख को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। फिलहाल देशमुख न्यायिक हिरासत में हैं।












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