जावेद अख्तर ने हिंदुओं को बताया दुनिया का सबसे अधिक सहिष्णु बहुसंख्यक, कहा- भारत नहीं बनेगा अफगानिस्तान
नई दिल्ली, सितंबर 15। अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले वरिष्ठ फिल्मकार, गीतकार और लेखक जावेद अख्तर फिर से चर्चा का विषय हैं। दरअसल, उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे एक आर्टिकल में हिंदुओं को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा उदार और सहिष्णु बताया है। इस आर्टिकल में जावेद अख्तर के हवाले से हिंदुओं को 'most tolerant majority in the world' बताया गया है।

भारत की तुलना अफगानिस्तान से करना गलत है- अख्तर
इस आर्टिकल में आगे कहा गया है कि भारत की तुलना कभी भी तालिबान शासित अफगानिस्तान से नहीं की जा सकती, क्योंकि भारतीय स्वभाव से चरमपंथी नहीं हैं। जावेद अख्तर ने कहा है कि उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में भी यही कहा था कि हिंदू दुनिया में सबसे सभ्य और सहिष्णु बहुसंख्यक आबादी है और इस बात को मैं फिर से दोहरा रहा हूं।
भारतीयों का डीएनए सब्र रखने वाला है- जावेद अख्तर
जावेद अख्तर ने आर्टिकल में आगे कहा है कि भारतीय का डीएनए ही सब्र रखने वाला है, वो हमेशा ही मध्यमार्ग पसंद करते हैं। वहीं तालिबान ने धर्म के आधार पर इस्लामिक सरकार बनाई है। उन्होंने कहा कि हिन्दू दक्षिणपंथी भी एक हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं, लेकिन तालिबान महिलाओं के अधिकारों को सीमित करके गलत कर रहा है। वहीं भारत में मेरी बात से वहीं लोग नाराज होंगे, जिनकी मानसिकता तालिबान जैसी होगी।
इस बयान को लेकर विवादों में आए थे जावेद अख्तर
आपको बता दें कि जावेद अख्तर ने इससे पहले एक बयान दिया था, जिसकी वजह से वो विवादों में आ गए थे। साथ ही शिवसेना ने भी उनके बयान पर नाराजगी जताई थी। जावेद अख्तर ने तालिबान हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों की सोच को एक समान बताया था। उनके इस बयान के बाद उनकी फिल्मों को बैन करने की मांग उठ गई थी और माफी की मांग की गई थी।
एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा था, "जैसे तालिबान एक इस्लामिक राष्ट्र चाहता है, वैसे ही जो हिंदू राष्ट्र चाहते हैं, उनकी मानसिकता एक है। फिर चाहे मुसलमान हों, ईसाई हों, यहूदी हों या फिर हिंदू।"












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