हाईकोर्ट ने अशोक चव्हाण को दी बड़ी राहत, चुनाव आयोग के नोटिस पर रोक

दरअसल, उन पर उनके प्रतियोगी ने आरोप लगाया था कि चव्हाण की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए चुनाव खर्च में सम्पूर्ण ब्योरा नहीं दिया गया है। उन पर आरोप है कि चुनाव आयोग के मांगने पर 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में किए गए चुनावी खर्च की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
चुनाव आयोग ने इसी सिलसिले में अशोक चव्हाण को कुछ दिन पहले नोटिस जारी किया था जिसके बाद अशोक चव्हाण की चुनावी योग्यता पर भी खतरे की सुईं लटक रही थी। यदि हाईकोर्ट इस पर रोक नहीं लगाता तो हो सकता था कि चव्हाण की योग्यता को रद्द कर दिया जाता।
चव्हाण ने वर्ष 2009 में एक दैनिक अखबार में अपने चुनावी प्रचार के दौरान एक न्यूज छपवाई थी। बताया जाता है कि वह न्यूज पेड न्यूज थी। जानकारी के मुताबिक वह विज्ञापन था जिसके एवज में अखबार को पैसा दिया गया था। लेकिन इसका ब्योरा चव्हाण ने चुनाव आयोग को नहीं दिया।












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