Extortion case: परमबीर सिंह बोले- मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं, मुझे कोर्ट पर पूरा विश्वास
जबरन वसूली के मामले में आरोपी मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह गुरुवार को मुंबई की अपराध शाखा के सामने पेश हुए।
मुंबई, 25 नवंबर। जबरन वसूली के मामले में आरोपी मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह गुरुवार को मुंबई की अपराध शाखा के सामने पेश हुए। 6 घंटे तक चली पूछताछ के बाद परमबीर सिंह ने मीडिया से कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आज जांच में शामिल हुआ, मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं और मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है।
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बता दें कि वह अक्टूबर से लापता थे और उन्हें मुंबई की एक अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। मुंबई पहुंचने के तुरंत बाद संवाददाताओं से सिंह ने कहा कि मैं अदालत के निर्देशानुसार जांच में शामिल होऊंगा। उन्होंने कहा कि वह अभी तक चंडीगढ़ में थे।

मुंबई पुलिस ने कहा कि परमबीर सिंह ने अपराध शाखा इकाई 11 कार्यालय कांदिवली में बिमल अग्रवाल द्वारा दर्ज रंगदारी मामले में अपना बयान दर्ज कराया। उनसे इस मामले में ही सवाल पूछे गए थे। उन्हें अभी दोबारा नहीं बुलाया गया है, लेकिन कहा गया है कि जब भी जरूरत होगी उन्हें बुलाया जाएगा।
अदालत ने दिया था 30 दिनों के अंदर पेश होने का आदेश
बता दें कि अदालत के आदेश के बाद परमबीर सिंह के ज्ञात अड्डों पर नोटिस चिपकाए गए थे इसके अलावा समाचार पत्रों में भी उनके खिलाफ सूचना जारी की गई, जिसमें उन्हें 30 दिनों के भीतर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया। एक अधिकारी ने कहा कि यदि वह आदेश के अनुसार जांच अधिकारी के सामने पेश न हुए होते तो उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती थी।
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अनिल देशमुख पर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
बता दें कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ उनके द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद मार्च में मुंबई पुलिस प्रमुख के पद से हटाए जाने के बाद उन्हें महानिदेशक होमगार्ड के रूप में तैनात किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह को दी गिरफ्तारी से राहत
परमबीर सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि वह भारत में ही हैं लेकिन महाराष्ट्र सरकार उनपर कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद कोर्ट ने सोमवार को परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की। बता दें कि सिंह मई में मेडिकल छुट्टी लेकर अवकाश पर चले गए थे और उसके बाद फिर ड्यूटी पर नहीं लौटे। फिलहाल महाराष्ट्र में सिंह के खिलाफ रंगदारी के पांच मामले दर्ज हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही अदालतों द्वारा उनके खिलाफ तीन गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
परमबीर सिंह पर कार्रवाई करने का विचार कर रही प्रदेश सरकार
वहीं महाराष्ट्र सरकार के सूत्रों ने बताया कि परमबीर सिंहजो छुट्टी पर थे, उन्होंने राज्य सरकार को उनके राज्य में लौटने की सूचना नहीं दी। राज्य सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।
परमबीर सिंह मामले पर डिप्टी सीएम ने की बैठक
इसके अलावा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने आज कैबिनेट बैठक के बाद अमरावती हिंसा और परमबीर सिंह के मुद्दे को लेकर बैठक बुलाई। बैठक में राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल समेत गृह विभाग के अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।












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