आदर्श घोटालाः चव्हाण का नाम क्यों हटवाना चाहती थी सीबीआई?
मुंबई। आदर्श हाउसिंग घोटाले का जिन्न एक बार फिर जाग गया है। बम्बई उच्च न्यायालय ने यहां बुधवार को आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम हटाने की सीबीआई की एक याचिका खारिज कर दी। अधिवक्ता आशीष मेहता ने बताया कि न्यायमूर्ति एम.एल.ताहिलियानी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर यह आदेश दिया। इसके पहले इसी मुद्दे पर सीबीआई की विशेष अदालत ने सीबीआई की याचिका खारिज कर दी थी।

इससे पहले, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल के. शंकरनारायणन सबूतों के अभाव में चव्हाण के खिलाफ मुकदमा चलाने से इंकार कर चुके हैं।
सीबीआई ने अदालत में दलील दी कि राज्यपाल द्वारा स्वीकृति देने से इंकार किए जाने के बाद, उनके पास चव्हाण के खिलाफ मुकदमा चलाने की कोई सामग्री नहीं है। अदालत को चव्हाण को मामले से बरी करने की अनुमति देनी चाहिए।
वर्ष 2010 में आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला उजागर होने के बाद चव्हाण ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह पृथ्वीराज चव्हाण ने ली थी।
-आईएएनएस














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