80 प्रतिशत मुंबई कुछ ही सालों में हो जाएगी जलमग्न, बीएमसी कमिश्नर की रिपोर्ट से फैली सनसनी
मुंबई, 28 अगस्त: मुंबई का नरीमन प्वाइंट सहित एक बड़ा हिस्सा समुद्र तल बढ़ने के कारण 2050 तक पानी नीचे चला जाएगा। जी हां, यह डराने वाली भविष्यवाणी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चीफ इकबाल सिंह चहल ने की है। दरअसल, महाराष्ट्र के पर्यावरण और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार (27 अगस्त ) को मुंबई जलवायु कार्य योजना और इसकी वेबसाइट के उद्घाटन के मौके पर बीएमसी आयुक्त ने इस भयावह बात को बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में मुंबई चरमसीमा पर पहुंचे मौसम के लिए अतिसंवेदनशील हो गया है, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के संकेत हैं।

अपनी बात को पूरा करते हुए मुंबई नगर निगम आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने कहा है कि 25 से 30 सालों के भीतर दक्षिण मुंबई का नरीमन प्वाइंट, सचिवालय बढ़ते समुद्री जल स्तर की चपेट में आ जाएंगे। सिंह ने कहा कि प्रकृति काफी चेतावनी दे रही है, लेकिन अगर लोग नहीं जागे तो स्थिति इतनी खतरनाक मोड़ ले लेगी कि कफ परेड, नरीमन प्वाइंट और मंत्रालय जैसे 80 फीसदी इलाके गायब हो जाएंगे। उन्होंने बताया इस खतरे का सामना आने वाली पीढ़ी के साथ-साथ मौजूदा लोग भी करेंगे, क्योंकि ऐसा आने वाले 25 सालों में हो सकता है।
पिछले 15 महीनों में तीन चक्रवात आए
उन्होंने कहा कि जलवायु विशेषज्ञों ने देखा है कि मुंबई ने हाल ही में कुछ चरम मौसम की स्थिति देखी गई है। ताजा हाल जुलाई में शहर में आया तूफान है। 2020 में चक्रवात निसर्ग 129 साल में पहली बार मुंबई से टकराया और फिर पिछले 15 महीनों में तीन चक्रवात आए। चहल ने कहा कि 5 अगस्त, 2020 को नरीमन प्लाइंट पर लगभग 5 से 5.5 फीट पानी जमा हो गया था। उस दिन चक्रवात की कोई चेतावनी नहीं थी, लेकिन मानकों को देखते हुए यह एक चक्रवात था।
हमारे दरवाजे पर आ गया संकट
उनके मुताबिक पहले हम ग्लेशियरों के पिघलने जैसी जलवायु परिवर्तन की घटनाओं के बारे में सुनते थे, लेकिन हमें सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करते थे। लेकिन अब यह हमारे दरवाजे पर आ गया है। इस साल का मानसून अनिश्चित रहा है, क्योंकि शहर में मानसून के आने की निर्धारित तिथि से पहले अधिकतम वर्षा हुई थी। 9 जून से पहले मुंबई में जून की 84 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई थी। जुलाई में भी पूरे महीने में समान रूप से चार दिनों में अधिकतम वर्षा हुई।
पिछले 4 सालों में बढ़ी भारी बारिश की घटनाएं
वहीं डब्ल्यूआरआई इंडिया रॉस सेंटर फॉर सस्टेनेबल सिटीज की एसोसिएट डायरेक्टर लुबैना रंगवाला ने कहा कि 2017 और 2020 के बीच चार साल में अत्यधिक भारी बारिश की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है। यह इशारा करता है कि इस तरह की मौसम की घटनाओं का दोहराव मुंबई शहर के लिए खासतौर से पिछले चार सालों में बढ़ रही हैं।












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