बांद्रा ईस्ट पर हार से औकात पता चली नारायण राणे और ओवेसी की
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)महाराष्ट्र की बांद्रा ईस्ट विधानसभा के नतीजे आ गए हैं। चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार नारायण राणे हार गए हैं। बांद्रा ईस्ट से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता नारायण राणे मैदान में थे, जहां उनका मुक़ाबला शिवसेना के दिवंगत विधायक बाला सावंत की पत्नी तृप्ति और ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के रहबर सिराज ख़ान से था। विजय शिवसेना को मिली।

यानी इस हार से ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुसलमीन के नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवेसी और राणे को अपनी औकात पता चल गई होगी। हालांकि राणे दावे तो बहुत कर रहे थे, पर यहां पर उनकी दाल नहीं गली। बता दें कि बांद्रा ईस्ट शिवसेना का किला माना जाता है और यहीं मातोश्री में ठाकरे परिवार रहता है। इस सीट से शिवसेना के बाला सावंत लगातार दो बार से विधायक थे। उनके निधन के बाद उपचुनाव में पार्टी ने उनकी पत्नी तृप्ति सावंत को मैदान में उतारा।
बीजेपी ने नहीं उतारा उम्मीदवार
बता दें कि 2014 विधानसभा चुनावों में इस सीट से बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी, लेकिन इस बार उसने अपना कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। ठाकरे परिवार को उनके गढ़ में चुनौती देने उतरे शिवसेना से सालों पहले बागी हुए नारायण राणे। राणे के लिए शरद पवार ने भी कैंपेन की।
रगड़ा पाव बेचेंगे
राणे की हार से उनका राजनीतिक करियर फिलहाल तो खत्म सा हो गया लगता है। कहने वाले कह रहे हैं कि अब राणे को रगड़ा पाव बेचना पड़ेगा। यानी उत्तर भारत की भाषा में बोले तो उन्हें चने बेचने पड़ेंगे। यहां पर एमआईएम के सिराज खान भी हारे। खान के प्रचार में ओवैसी भाइयों ने भी पूरी ताक़त झोंक दी थी।












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