23 साल के लड़के की सूझबूझ ने बचाई हजारों की जान, सब कर रहे वाहवाही
मुंबई। 23 साल के इंजीनियर ने अगर रेल पटरी के टूटे जोड़ को नजरअंदाज कर दिया होता, तो सोमवार की सुबह मुंबईवासियों के लिए तबाही लेकर आ सकती थी।

23 साल के जी. सकपाल पेशे से इमजीनियर है। सकपाल का ऑफिस अंधेरी में हैं। जहां पहुंचने के लिए वो हर सुबह कुर्ला से लोकल ट्रेन पकड़ते हैं।
हर रोज की तरह सोमवार को भी सकपाल यात्रियों की भीड़ के बीच कुर्ला स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
जी. सकपाल की निगाह पटरी पर पड़ी तो उन्होंने देखा कि दो पटरियों को जोड़ने वाली पट्टी ढीली हो रही है। सभी की तरह उनको भी ऑफिस पहुंचने की जल्दी थी लेकिन सकपाल ने इसे नजरअंदाज नहीं किया।
चटकी पटरी देख ठनका सकपाल का माथा
पटरी के इस जोड़ से 5-6 मीटर दूर थे, उन्होंने थोड़ा पास जाकर देखा। उन्हें खस्ताहाल पट्टी को देखकर ये जानने में देर नहीं लगी कि इससे ट्रेन गुजरी तो ट्रेन किसी हादसे का शिकार हो सकती है।
सकपाल ने इस बाबत तुरंत ही पास के रेल कर्मचारी को इसके बारे में बताया और रेलवे हेल्पलाइन पर फोन करके भी इसकी सूचना दी। इसके बाद रेलवे हरकत में आया और एक टीम इसकी जांच के लिए पहुंचीं।
रेलवे कर्मचारियों ने पाया कि सकपाल का अंदेशा बिल्कुल ठीक है। अगर इससे ट्रेन गुजरी तो बहुत मुमकिन है कि वो किसी दुर्घटना की शिकार हो जाए। इसके बाद इसकी मरम्मत शुरू की गई।
जानकारी के बाद ठीक की गई पटरी
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक इसकी मरम्मत की वजह से ट्रेनों को कुछ देरी हुई। साथ ही ये भी ध्यान किया गया कि पटरी के इस जोड़ से ट्रेन 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा से ना गुजरे।
रेलवे पटरी के खराब होने की सूचना देने के लिए जहां रेलवे के अधिकारियों और यात्रियों ने जी. सकपाल का शुक्रिया अदा किया। अधिकारियों और यात्रियों ने माना कि सकपाल ने सराहनीय काम किया है।
सकपाल ने बताया कि उन्हें रेलवे के बारे में जानने का शौक है। इसीलिए वो रेलवे से जुड़ी चीजों को बारीकी से देखते हैं। जब उन्होंने पटरी पर कुछ खराबी देखी तो इसकी जानकारी कर्मचारियों को दे दी।












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