ताश के पत्तों की तरह ढ़ह गई 33 साल पुरानी ईमारत, 25 लोगों की मौत

इस घटना में 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। बीएमसी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मलबा हटाने के काम जारी है। अधिकारियों का मानना है कि अभी भी 10 से ज्यादा लोग मलबे में दबे हुए है।
राहत बचाव कार्य में लगी टीम ने अबतक मलबे में दबे 20 लगों को जिंदा बचा लिया है। खास बात ये है कि इनमें से किसी को भी कहीं चोट नहीं लगी है। हादसे के बाद राहत बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
चार मंजिला इस इमारत में 28 फ्लैट थे। 33 साल पुरानी इस इमारत की हालत काफी समय से जर्जर हालत में थी। बीएससी ने इस इमारत को खाली करने का आदेश दे दिया था, बावजूद इसके लोगों ने इसे खाली नहीं किया। हादसे के बाद मृतकों को बीएससी की ओर से 2 लाख रुपए का मुआवजे के तौर पर दिया गया है जबकि हादसे में घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि डॉकयार्ड रोड के नजदीक स्थित यह इमारत 33 साल पुरानी थी जो नगर निगम के कर्मचारियों का निवास स्थान थी। इस इमारत में 21 लोग रहते थे, यह शुक्रवार सुबह 5.45 बजे अचानक ढह गई जिससे इसमें सोए हुए लोग इसकी चपेट में आ गए।
मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हान ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों को एक लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की।












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