Valentines Day: ईरान से आई बहू, मुरादाबाद में खोला कैफे, Love Story के बाद अब ‘कैफे स्टोरी’ भी वायरल
Valentines day, Iranian Love Story: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में ईरानी संस्कृति और भारतीय स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। दिवाकर और उनकी ईरानी पत्नी फायजा ने हाल ही में एक कैफे खोला है, जहां ईरान के पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
खासतौर पर यहां की ईरानी चाय लोगों को काफी पसंद आ रही है, जिसके चलते युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। दिवाकर और फायजा की प्रेम कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में रही थी। दोनों सोशल साइट्स के माध्यम से मिले थे।

चैंटिंग करते-करते दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। उसके बाद दोनों ने शादी करने की बात की। बाद में दोनों ने शादी की और फायजा मुरादाबाद चली आया। अब यह कपल अपने नए बिजनेस के जरिए मुरादाबाद के लोगों को ईरानी जायके से रूबरू करा रहा है।
ईरानी और भारतीय संस्कृति का अनोखा मेल
दिवाकर और फायजा ने अपने कैफे को ईरानी और भारतीय संस्कृति के संगम के रूप में प्रस्तुत किया है। कैफे का इंटीरियर भी दोनों देशों की झलक दिखाता है। दिवाकर के अनुसार, उनका उद्देश्य ईरान के पारंपरिक स्वाद को भारतीय लोगों तक पहुंचाना है। खासतौर पर ईरानी चाय, जो उत्तर भारत में दुर्लभ है, वे इसे लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
कैफे के मेन्यू में कई लोकप्रिय ईरानी व्यंजन शामिल किए गए हैं। इनमें आदर्श फॉलो, ईरानी ब्रेड, फलाफेल और स्पेशल ईरानी चाय शामिल हैं। ये सभी व्यंजन पूरी तरह वेजिटेरियन हैं और इन्हें बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियां ईरान से इंपोर्ट की जा रही हैं। दिवाकर का कहना है कि वे यहां शुद्ध ईरानी जायके को बनाए रखना चाहते हैं।
कैफे में दोनों देशों के झंडे लगाए गए हैं, जो भारत और ईरान के दोस्ताना संबंधों का प्रतीक हैं। यह भी बता दे कि दिवाकर पेशे से यूट्यूबर हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, जिससे कैफे को भी अच्छी पब्लिसिटी मिल रही है।
ग्राहक भी हुए दीवाने
कैफे पर आने वाले ग्राहक यहां के ईरानी स्वाद को खूब पसंद कर रहे हैं। नियमित रूप से आने वाले एक ग्राहक वंश चौधरी ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए कहा कि मैंने कई जगह चाय पी है, लेकिन यहां की ईरानी चाय का स्वाद सबसे अलग और बेहतरीन है। इसके अलावा बाकी व्यंजन भी बेहद लजीज हैं।
कैफे की सबसे लोकप्रिय चीज ईरानी चाय है, जिसे पीने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। इसका स्वाद न सिर्फ अनोखा है, बल्कि यह पारंपरिक मसालों से भरपूर होती है, जो सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। दिवाकर का कहना है कि जल्द ही इस कैफे को विस्तार देंगे।
नाम रखा है, "श्रीराम पर्शियन कैफे'
कैफे का नाम "श्रीराम पर्शियन कैफे" रखा गया है, जिसमें भारतीय और ईरानी संस्कृति को जोड़ा गया है। दिवाकर और फायजा इस कैफे को मुरादाबाद में ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी खोलने की योजना बना रहे हैं, ताकि और ज्यादा लोग इस अनूठे जायके का आनंद ले सकें।












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