Mirzapur: छात्रों ने बनाया भारतीय सेना के लिए 'वंडर शू', ठंड के साथ-साथ लैंडमाइन्स से बचाएगा ये खास जूता
बच्चों ने देश के उन सैनिकों के लिए जूता तैयार किया है, जो बर्फीले इलाकों में तैनात रह कर भारत की सुरक्षा करते है। बच्चों के द्वारा बनाया गया यह खास जूता न केवल उन्हें ठंड से राहत देगा बल्कि लैंडमाइंस से भी बचाएगा।

आधुनिक भारत विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियों की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में आधुनिक युग की जिम्मेदारी नव युवकों के कंधों पर है। इसी बीच मिर्जापुर के बच्चों ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिससे अमेरिका, रूस, जापान जैसे देश भी हैरत में पड़ सकते हैं। नौवीं कक्षा के छात्रों ने एक खास जूता तैयार किया है और यह जूता भारतीय सैनिकों के लिए रामबाण साबित हो सकता है।

बर्फीले इलाको में तैनात सैनिकों के लिए बनाया खास जूता
सियाचिन जैसे बर्फीले इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए नौवीं कक्षा के छात्रों द्वारा बनाया गया यह खास जूता वरदान साबित हो सकता है। बच्चों ने एक ऐसा जूता तैयार किया है जो ठंडी जगहों पर तैनात सैनिकों के लिए बेहद मददगार साबित होगा। जवानों को ठंडी में सबसे ज्यादा दिक्कत उनके पैरों में होती है। बर्फ जम जाने से ड्यूटी करना बेहद कठिन हो जाता है और पैरों की बीमारी से ग्रसित भी हो जाते है।

लैंडमाइंस से भी बचाएंगे ये 'वंडर शूज'
बच्चों ने जिस खास जूते को भारतीय सैनिकों के लिए तैयार किया है वो बेहद ही खास बताया जा रहा है। ये खास जूते बर्फीले इलाको में रहने वाले सैनिकों के पैर को गर्माहट तो देंगे ही, साथ ही आसपास लगे लैंडमाइंस से भी बचाएंगे। छात्रों ने इस खास प्रकार के जूते का नाम वंडर शूज रखा है। इस उपलब्धि के बाद बच्चों का न केवल हौसला बढ़ा है, बल्कि इसकी चर्चा मिर्जापुर के अलावा अन्य जनपदों में भी है।

ऐसे आया ये कमल का आईडिया
मिर्जापुर कछवां स्वामी विवेकानंद एकेडमी में नौवीं कक्षा में पढ़ रहे चार छात्रों ने यह स्पेशल जूता तैयार किया हैं। छात्रों ने बताया कि यह आइडिया ठंड के मौसम में आया जब स्कूल आते समय पैर सिकुड़ रहे थे। तब लगा कि यह हाल मिर्जापुर का है तो बर्फीले इलाकों में तैनात सैनिकों का क्या हाल होगा। ऐसे में कोई ऐसा जूता तैयार किया जाए जो इस समस्या से निजात दिला सके। इस आइडिया को अपने स्कूल के शिक्षक से शेयर किया फिर क्या था, स्कूल के शिक्षक भी छात्रों के साथ डट गए और उनके सहयोग से इसे तैयार करने में सफलता मिली।

चार छात्रों ने महज़ चार दिनों में कर दिखाया कमाल
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले चार छात्र विनायक राज, आदर्श सिंह, सागर सिंह और कौशिक पांडेय ने भारतीय विज्ञान की पद्धति का अनुसरण करते हुए यहां के मौसम को ध्यान में रखा और चार दिन की मेहनत के बाद इस जूते की डिजाइन और प्रोटोटाइप को तैयार कर लिया। इस जूते में अभी आगे छात्र एक ऐसा सेंसर लगाएंगे जो जवानों को लैंडमाइन से भी बचाएगा। लैंडमाइंस जवान के आसपास लगा रहेगा तो पहले ही जूता वाइब्रेट करने लगेगा और जवान पहले ही सावधान हो जाएगा। इससे जवान किसी भी अनहोनी घटना से अपनी जान भी बचा पाएगा।

मात्र 1200 रुपये की लागत में बनाया 'वंडर शूज'
बच्चों की माने तो इस जूते को तैयार करने में बैटरी, स्विच, हीटिंग का आयल, थर्मोस्टेट और जूता खरीद कर कुल 1200 रुपये लागत से इसे तैयार किया गया है। छात्रों ने चार दिन की मेहनत के बाद इसे तैयार कर दिया है। छात्रो का यह प्रोटोटाइप सैनिकों के लिए बेहद मददगार और वरदान साबित साबित हो सकता है। इसे लेकर न केवल बच्चों में उत्साह है बल्कि स्कूल प्रशासन भी बच्चों की इस उपलब्धि से बेहद खुश है और लगातार इनकी मदद भी कर रहे है।
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