UP News: चमत्कारǃ पोस्टमॉर्टम से पहले आचानक जिंदा हो गई किशोरी, पुलिस भी हैरान- ऐसा कैसे हुआ?
UP News Hindi: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में जिस किशोरी को मृत समझकर पुलिस उसका पोस्टमार्टम कराने ले जा रही थी वह अचानक जिंदा हो गई। किशोरी के जिंदा होने के बाद पुलिसकर्मी भी हैरान हैं।
UP Mirzapur News: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में मौत के बाद पोस्टमार्टम कराए जाने से पहले एक किशोरी उठ खड़ी हुई। किशोरी के जिंदा होने के बाद उसके परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं लोग आश्चर्य में पड़े हैं कि आखिर यह चमत्कार कैसे हुआ। लोगों द्वारा तरह-तरह की चर्चा की जा रही है।
दरअसल, मिर्जापुर जनपद के संत नगर थाना अंतर्गत राह कलां हऊदवा गांव के रहने वाले भोला नामक व्यक्ति की बेटी रवीना अपने घर से गायब हो गई थी। रविवार को घर से करीब एक किलोमीटर दूर सिरसी नहर में रवीना पानी में उतराई हुई मिली।

नहर में लाश देखने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस गांव में पहुंची और वहां पहुंचने के बाद पुलिस ने नहर में से उसे बाहर निकलवाया। एसीबी सूचना मिलने के बाद भोला के घर वाले भी वहां पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि किशोरी को मृत समझकर पुलिस उसका पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रही थी। हालांकि इसी दौरान लोगों ने कहा कि किशोरी को अस्पताल में पहुंचाया जाए हो सकता है कि वह जिंदा हो। परिजनों और गांव वालों के कहने के बाद पुलिस ने परिजनों को उसे अस्पताल ले जाने की अनुमति दे दी।
किशोरी को लेकर परिजन पटेहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के दौरान किशोरी उठकर खड़ी हो गई। किशोरी के जिंदा होने के बाद वहां मौजूद लोग हैरान रखें। वहीं स्वास्थ्य केंद्र की फार्मासिस्ट गणेश शंकर तिवारी द्वारा बताया गया कि युवती अचेत अवस्था में लाई गई थी।
अस्पताल पर पहुंचने के बाद जब जांच पड़ताल किया गया तो पता चला कि हार्टबीट चल रही थी। ऐसे में तत्काल आवश्यक उपचार प्रारंभ हुआ और किशोरी ठीक हो गई। किशोरी को जिंदा होने के बाद उसके घर वालों के साथ एक गांव वाले और पुलिसकर्मी भी हैरान हैं।
लोगों को यह भी बात समझ में आई कि यदि थोड़ी सी गलती की गई होती तो किशोरी की मौत हो जाती है। लोगों में यह भी चर्चा है कि ईश्वर जिसे बचाना चाहता है उसे किसी भी तरीके से बचा लेता है। इतना देर तक पानी में रहने के बावजूद और पोस्टमार्टम के लिए भेज रहे की तैयारी होते समय युवती को अस्पताल भेजे जाने का विचार नहीं आया होता तो वह जिंदा नहीं हो पाती।












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