UP: प्राथमिक विद्यालय की निःशुल्क किताबें कबाड़ में मिलीं, अभिभावकों ने वीडियो किया वायरल, जांच जारी
UP Mirzapur News: सरकार द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क किताबें ड्रेस तथा अन्य सामग्री भी दिए जाते हैं। कई योजनाओं में अध्यापकों द्वारा घपले बाजी भी की जाती थी जिसके चलते अब कुछ योजनाओं के पैसे सरकार द्वारा सीधे स्टूडेंट के खाते में भेज दिया जाता है।
लेकिन अभी भी बच्चों को दी जाने वाली किताबें और कई अन्य सामग्री स्कूल और प्रधानाध्यापक के माध्यम से ही बच्चों में वितरित किए जाते हैं। इन सबके बीच कुछ अध्यापकों द्वारा ऐसे कृत्य किए जाते हैं, जिसे देखकर लोगों को गुस्सा आ जाएगा। ऐसा ही एक मामला मिर्जापुर से सामने आया है।

दरअसल, मिर्जापुर जनपद के सदर तहसील अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बजटा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि स्कूल में पढ़ने के लिए बच्चों को सरकार द्वारा निशुल्क दी जाने वाली किताबों को कबाड़ी को बेचा गया है।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि किताबें पुराने सत्र की हैं, जबकि वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किताबों पर सत्र 2023-24 लिखा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापक द्वारा पैसा लेकर वर्तमान सत्र की किताबें कबाड़ी को बेच दी गई थी।
ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली तो ग्रामीण तत्काल कबाड़ी दुकानदार के पास पहुंचे और वहां से ग्रामीणों ने किताबें बरामद करने के साथ ही वीडियो बना लिया। उसके बाद किताबें लेकर ग्राम प्रधान के साथ ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय में पहुंच गए। प्राथमिक विद्यालय में पहुंचने पर प्रधानाध्यापक द्वारा वर्तमान सत्र की किताबों को बेचे जाने से इनकार किया गया।
वहीं मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मिर्जापुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा का कहना है कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामले में नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा इसकी जांच कराई जा रही है।












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