मेरठ: रेप पीड़िता 11वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, कार्रवाई ना होने से थी क्षुब्ध
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक रेप पीड़िता फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि कई बार थाने में शिकायत की, इसके बावदूज नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस कार्रवाई ना होने और दबंगों के दबाव से क्षुब्ध होकर उनकी बेटी ने जान दे दी। पीड़िता द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद मवाना इंस्पेक्टर को मेरठ के एसएसपी लाइन हाजिर कर दिया।

जानकारी के अनुसार, मामला मवाना थाना क्षेत्र के एक गांव का है। आरोप है कि 19 जनवरी को 65 साल के व्यक्ति बृजपाल ने 16 वर्षीय किशोरी से तमंचे के बल पर घर में घुसकर रेप किया था। पहले तो परिवार इज्जत के नाम पर खामोश रहा। किशोरी की हालत खराब होने पर 21 जनवरी को पीड़ित परिवार ने समाधान दिवस में इसकी शिकायत की, फिर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। 25 जनवरी को ग्रामीणों ने मवाना थाने पर हंगामा किया, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन, आरोपी बृजपाल की गिरफ्तारी नहीं की।
आरोप है कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी और समझौते का दबाव डाल रही थी। जिसे लेकर पीड़ित परिवार डरा हुआ था। किशोरी मानसिक तनाव में थी। बुधवार को उसने मकान की छत के कुंडे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। उस समय परिवार के सभी सदस्य खेत पर गए हुए थे। दोपहर करीब दो बजे पीड़िता का पिता घर पहुंचे तो बेटी का शव लटक रहा था। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
चुनावी रंजिश में लिखाई गई एफआईआर!
इसके बाद एसपी क्राइम रामअर्ज मौके पर पहुंचे। उन्होंने थाना पुलिस पर कार्रवाई और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मवाना विनय आजाद को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, एसएसपी मेरठ अजय साहनी का कहना है कि छात्रा की मौत की सूचना परिजन ने दी। उसकी तरफ से रेप का एक केस दर्ज कराया गया था, लेकिन डॉक्टरी रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई थी। जांच में पता चला था कि गांव में प्रधानी के चुनाव को लेकर दो पक्षों में रंजिश के चलते एफआईआर लिखाई गई थी, जिसकी अभी जांच चल रही है।












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