दूरबीन से EVM की निगरानी करने वाले सपा नेता पर लगा गुंडा एक्ट, जानिए कौन हैं योगेश वर्मा

SP Leader Yogesh Verma: हस्तिनापुर के पूर्व विधायक और सपा नेता योगेश वर्मा के आपराधिक इतिहास को देखते हुए मेरठ पुलिस ने उनपर गुंडा एक्ट लगा दिया है। अब सपा नेता योगेश वर्मा को जिला बदर करने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि योगेश वर्मा पिछले दिनों उस समय चर्चाओं में आए थे, जब उनकी एक तस्वीर वायरल हुआ थी।

सोशल मीडिया वायरल हुई तस्वीर विधानसभा चुनाव के दौरान की थी। दरअसल, नतीजे घोषित होने से पहली रात सपा नेता योगेश वर्मा दूरबीन से ईवीएम की निगरानी करते रहे थे। लेकिन, जब नतीजे आए तो पार्टी को निराशा ही मिली थी। तो वहीं, मेरठ की पल्लवपुरम पुलिस ने योगेश वर्मा के खिलाफ गुंडा एक्ट की फाइल तैयार कर SSP को भेजी थी।

SP Leader Yogesh Verma

एसएसपी से संस्तुति मिलने के बाद फाइल को जिलाधियाकी को भेजा गया था। जिलाधिकारी ऑफिस से एक नोटिस पूर्व विधायक को भेजा गया, जिसमें अपना पक्ष रखने के लिए 3 अगस्त की तारीख दी गई थी। न्यूज़ 18 की खबर के मुताबिक, इस मामले में गुरुवार 3 अगस्त को सुनवाई हुई थी।

वहीं, अब इस मामले में अगली सुनवाई 08 अगस्त को होनी है। खबर के मुताबिक, पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर गुंडा एक्ट लगाने के बाद उन्हें जिला बदर करने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि अखिलेश यादव के करीबियों में शामिल रहे योगेश वर्मा मेरठ की पूर्व महापौर सुनीता वर्मा के पति हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे, उस वक्त प्रत्याशियों का आपराधिक इतिहास खंगाला गया था। इस दौरान योगेश वर्मा पर 31 मुकदमे होने की बात सामने आई थी। खबर के मुताबिक, योगेश वर्मा की दौराला थाने में हिस्ट्रीशीट खुली थी। लेकिन, कुछ समय बाद उसे बंद कर दिया गया था।

वहीं, अब सपा नेता योगेश वर्मा के खिलाफ करीब दो महीने पहले पुलिस ने हिस्ट्री शीट की फाइल को एक बार फिर से खोला है। खबरों के मुताबिक, सपा नेता योगेश वर्मा को 2 अप्रैल 2018 में एससी-एसटी एक्ट के संशोधन के विरोध में देशभर में हिंसा के दौरान मुख्य आरोपी बनाया गया था। उस वक्त आठ थानों में उनके खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज किए गए थे।

इतना ही नहीं, उस समय योगेश वर्मा को रासुका में भी निरुद्ध किया गया था। कुछ समय जेल में रहने के बाद सभी 13 मामलों में जमानत मिल गई और बाद में हाईकोर्ट ने रासुका को भी खत्म कर दिया था।

जानिए कौन हैं योगेश वर्मा?
योगेश वर्मा, हस्तिनापुर के दौराला थाना क्षेत्र के धनजू गांव के रहने वाले है और बसपा के टिकट पर 2002 में इसी सीट से चुनाव लड़े थे। 2007 में बसपा ने फिर उसी सीट से उतारा और चुनाव जीत गए। 2012 में वह हस्तिनापुर से ही पीस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन पराजय मिली। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहने के कारण राजनीतिक गलियारे में चर्चा रही।

2017 में योगेश वर्मा की बीएसपी में फिर से घर वापसी हुई और फिर वहीं से चुनाव लड़े। हालांकि, योगेश वर्मा जीन दर्ज नहीं करा सके। इसके बाद बीएसपी ने योगेश वर्मा को साल 2019 में बुलंदशहर सुरक्षित लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा लेकिन वह चुनाव हार गए। लोकसभा चुनाव के कुछ माह बाद उन्हें व उनकी महापौर पत्नी को बसपा ने निष्कासित कर दिया था।

बता दें कि 2022 में योगेश वर्मा अपनी पत्नी के साथ सपा में शामिल हुए थे। इसके बाद सपा ने योगेश वर्मा को हस्तिनापुर से टिकट दिया, लेकिन वह चुनाव हार गए। तो वहीं, अब मेरठ पुलिस द्वारा पूर्व विधायक योगेश वर्मा की घेराबंदी शुरू कर दी गई है। इस पूरे मामले में संपत्ति को लेकर भी घेराबंदी की तैयारी की जा रही है।

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