Meerut News: क्या 'रामायण' बदल देगी साहिल और मुस्कान की जिंदगी? सांसद अरुण गोविल ने मेरठ जेल में दी सीख
Meerut News: मेरठ से सांसद और रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने 'घर-घर रामायण' अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत वे विभिन्न जगहों पर जाकर लोगों को रामायण भेंट कर रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने मेरठ जिला जेल का दौरा किया और वहां के कैदियों को 1500 से अधिक रामायण की प्रतियां वितरित कीं। इस दौरान उन्होंने जेल अधिकारियों और बंदियों से मुलाकात की। खास बात यह रही कि सौरभ हत्याकांड में जेल में बंद साहिल और मुस्कान को भी रामायण दी गई।

जेल में बंदियों को दिया जीवन सुधारने का संदेश
रामायण वितरण के दौरान अरुण गोविल ने बंदियों को सही रास्ते पर चलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र ग्रंथ न केवल धर्म का ज्ञान देता है, बल्कि जीवन को सही दिशा में ले जाने का भी मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कैदियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में कोई ऐसा कार्य न करें जिससे उन्हें दोबारा जेल आना पड़े।
सांसद ने कहा कि रामायण का अध्ययन मनुष्य को संयम, नैतिकता और सत्कर्मों की प्रेरणा देता है। इस पहल की जेल प्रशासन ने भी सराहना की और इसे बंदियों के सुधार के लिए एक अच्छा कदम बताया।
योगी सरकार की आठ साल की उपलब्धियां गिनाईं
इस दौरान अरुण गोविल ने योगी सरकार के आठ वर्षों की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने मेरठ के सदर बाजार में व्यापारियों के बीच जाकर सरकार का रिपोर्ट कार्ड और पत्रक वितरित किए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपराध मुक्त हो रहा है और विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में व्यापार और उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है, जिससे लोगों को नए रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
अखिलेश यादव पर कसा तंज
जब योगी सरकार की नीतियों पर अखिलेश यादव की टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो अरुण गोविल ने ठहाके लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव एक समझदार नेता हैं, लेकिन कई बार उनकी बातें उनकी समझ पर सवाल खड़े कर देती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ सरकार की आलोचना करना रह गया है, जबकि जनता खुद देख रही है कि यूपी में किस तरह का बदलाव आया है।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा पर की गई टिप्पणी को लेकर अरुण गोविल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब राजनीति में भाषा की शालीनता खत्म होती जा रही है, जो काफी चिंता का विषय है।
उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास के वीर योद्धाओं का सम्मान होना चाहिए और उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना अनुचित है। इसके अलावा, औरंगजेब की तारीफ पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे सिर्फ राजनीतिक हंगामा खड़ा करने की कोशिश बताया।












Click it and Unblock the Notifications