Meerut accident: जोरदार धमाके के साथ गिरा मकान, 7 लोगों की दर्दनाक मौत, जानें हादसे की वजह
Meerut House collapse incident News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में बरसात के दौरान तीन मंजिला जर्जर मकान शनिवार को सायंकाल अचानक धराशाई हो गया। मकान धराशाई होने के बाद उसके मलबे में एक ही परिवार के करीब 14 लोगों दब गए, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई।
मकान धराशाई होने के बाद स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। लोगों ने मकान की मलबे में फंसे हुए लोगों को बाहर निकलना शुरू कर दिया। मौके पर राहत और बचाव करने के साथ ही स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी दी गई।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई है और मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। मकान जिस इलाके में था वहां घनी आबादी होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिले के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। मकान के मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने के लिए सेवा के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया और देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
शाम 6 बजे के करीब हुआ था हादसा
यह पूरा मामला मेरठ जनपद के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के जाकिर कॉलोनी का है। बताया जा रहा है जाकिर कॉलोनी में 90 साल की नफो नामक एक महिला का 35 साल पुराना एक तीन मंजिला मकान था। मकान में नफो देवी के साथ ही उनके बेटे बच्चे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे।
कहा जा रहा है कि नफो देवी के बेटे साजिद और गोविंदा डेयरी का काम करते हैं। शनिवार को शाम 6 बजे नफो देवी के परिवार के लोग मकान में मौजूद थे इसी दौरान मकान अचानक धराशाई हो गया। मकान धराशाई होने के चलते मकान में मौजूद लोग दब गए।
ग्राउंड फ्लोर में बंधी थी भैंसें
क्योंकि महिला का परिवार डेयरी कारोबार से जुड़ा हुआ था ऐसे में उसके घर पर भैंस भी पाली गईं थी। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर भैंस बंधी थीं। इस हादसे में कुछ भैंस भी मकान के मलबे में दब गईं थी और मकान के मलबे में बने के चलते भैंसों की भी मौत हुई है।
जर्जर हो गया था मकान, इसलिए हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि मकान काफी पुराना था और जर्जर हो गया था। परिवार के लोगों द्वारा उसका मरम्मत भी नहीं कराया जा रहा था। कहा जा रहा है कि काफी समय से मरम्मत न कराए जाने के चलते मकान शनिवार को धराशाई हो गया।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी बताया कि मकान की हालत जर्जर होने के कारण यह गिरा है। फिलहाल अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। मलबे में दबे मवेशियों और अन्य लोगों की तलाश के लिए अभी भी खोजी डॉग की मदद ली जा रही है।
इस हादसे में साजिद (40) पुत्र अलाउद्दीन, साकिब (20) पुत्र साजिद, सानिया (15) पुत्री साजिद, रीजा (7) पुत्री साजिद, सिमरा (18 माह) पुत्री शहजाद, नफीसा (63) उर्फ नफ्फो पत्नी अलाउद्दीन और फरहाना आदि कुल सात लोगों की मौत हुई है।












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