पश्चिमी यूपी में गरमाया जाट आरक्षण का मुद्दा, एक दिसंबर से शुरू होगा जनजागरण अभियान
पश्चिमी यूपी में गरमाया जाट आरक्षण का मुद्दा, एक दिसंबर से शुरू होगा जनजागरण अभियान
मेरठ, 24 नवंबर: किसान आंदोलन के बाद अब पश्चिमी यूपी में जाट आरक्षण का मुद्दा गरमा गया है। मंगलवार 23 नवंबर को जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने दो मण्डलों की बैठक की, जिसमें उन्होंने जनजागरण अभियान को शुरू करने को लेकर चर्चा की। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल ने पीएम मोदी से बैठक में मांग की कि जाट आरक्षण से किए गए वादे पूरा करें। इतना ही नहीं, जाट आरक्षण को लेकर आगामी एक दिसंबर 2021 से जन जागरण अभियान शुरु किया जाएगा।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में जाट आरक्षण को लेकर जन जागरण अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि 26 मार्च 2015 में पीएम मोदी ने जाट समाज के प्रमुख संगठनों, सांसद, विधायकों व मंत्रियों के सामने जाटों को आरक्षण देने का वायदा किया था। बताया कि 2018 के मानसून सत्र में आरक्षण को लेकर आयोग का गठन भी किया गया था। जिसमें हरियाण, पंजाब, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश राज्यों को आरक्षण का अधिकार दिया गया।
जबकि, यूपी-दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार को वंचित किया गया। तो वहीं, अब जाट आरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें उनका हक़ मिले। बता दें, पश्चिमी यूपी के कई जिलों में जाटों का वर्चस्व है। ऐसे में प्रधानमंत्री के कृषि कानून वापसी के ऐलान के बाद अब जाटों को भी अपना आरक्षण वाला भविष्य नज़र आने लगा है। बैठक में यशपाल मलिक ने कहा कि अगले साल जाटों के प्रभाव वाले इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव है। इन चुनावों में जाटों का वोट उसी दल को जाएगा जो उन्हें आरक्षण देगा।












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