70 लाख रुपए डकारने वाली SHO लक्ष्मी ने सिपाही के साथ मेरठ कोर्ट में किया सरेंडर

गाजियाबाद। गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में गबन के आरोपियों से बरामद की गई रकम में से 70 लाख रुपए गायब करने वाले पूर्व एसएचओ लक्ष्मी सिंह और एक सिपाही ने मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लक्ष्मी सिंह गुरुवार को एंटी करप्शन कोर्ट में सरेंडर किया है। जबकि 6 सिपाही अभी भी फरार चल रहे है। आपको बता दें कि गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर कुमार ने एसएचओ लक्ष्मी सिंह समेत सातों पुलिस कर्मियों पर 25-25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था।

खारिज हुई थी जमानत याचिका

खारिज हुई थी जमानत याचिका

इससे पहले एसएचओ लक्ष्मी सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने लक्ष्मी सिंह समेत सभी आरोपी पुलिस कर्मियों की अग्र‍िम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। लक्ष्मी सिंह चौहान और 7 सिपाहियों पर 70 लाख रुपए के गबन का आरोप है। इन सभी पर साहिबाबाद थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

ऐसे शुरू किया रुपए गायब करने का खेल

ऐसे शुरू किया रुपए गायब करने का खेल

आपको बता दें कि गाजियाबाद के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल इलाके में गबन का एक मामला सामने आया था, जिसमें एटीएम में रुपए डालने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों पर ही गबन का आरोप था। इस मामले की जांच लिंक रोड थाने की इंचार्ज लक्ष्मी सिंह चौहान को सौंपी गई थी। रुपए डालने वाली कंपनी 'सीएमएस इन्फो सिस्टम' का क्षेत्रीय कार्यालय साहिबाबाद के साइट-4 इंडस्ट्रियल इलाके में स्थित है। कंपनी को जब रुपयों में हेराफेरी का पता चला तो बीते 22 अप्रैल को कैश कस्टोडियन राजीव सचान के ऊपर केस दर्ज कराया गया था। लिंक रोड थाना पुलिस ने बीते मंगलवार की रात को मुख्य आरोपी राजीव सचान को उसके साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर लिया। यहां से एसएसओ लक्ष्मी सिंह चौहान ने रुपए गायब करने का खेल शुरू किया।

एसएसओ ने कर दी रकम में हेरफेर

एसएसओ ने कर दी रकम में हेरफेर

पुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके पास से 1.15 करोड़ रुपए बरामद किए गए। लिंक रोड थाना पुलिस ने इसमें 70 लाख रुपए गायब करते हुए केवल 45 लाख, 81 हजार रुपए की बरामदगी दिखाई और फर्द तैयार कर दी। इसके बाद जब मामले में सीओ राकेश कुमार मिश्र ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि राजीव सचान से करीब 55 लाख रुपए और आमिर से 60 लाख रुपये बरामद किए गए थे। बरामद की गई रकम में हेरफेर की खबर सुनकर वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मच गया और सीओ राकेश कुमार मिश्र को पूरे मामले की तहकीकात करने के लिए कहा गया।

सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया

सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया

सीओ राकेश कुमार ने मामले की जांच के लिए महाराजपुर चौकी की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो लिंक रोड़ थाना पुलिस बेनकाब हो गई। दरअसल सीसीटीवी फुटेज में नजर आया कि आरोपियों के पास से रुपयों से भरे दो बैग बरामद किए गए, जिनमें से एक बैग पुलिसकर्मियों ने एक प्राइवेट गाड़ी में रख दिया। फुटेज को गौर से देखा गया तो यह बैग कोई और नहीं, बल्कि खुद एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान गाड़ी में रखती हुई दिखाई दी। इस पूरे खेल में एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान के अलावा, सब इंस्पेक्टर नवीन कुमार पचौरी, कांस्टेबल बच्चू सिंह, फराज, धीरज भारद्वाज, सौरभ कुमार और सचिन कुमार शामिल थे। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

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