• search
मेरठ न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

मेरठ में अतिक्रमण हटाने पर भारी बवाल, पुलिस से छीने हथियार, तनाव के चलते इंटरनेट सेवाएं बंद

|

Meerut News, मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सदर बाजार थानाक्षेत्र के भूसा मंडी में अवैध निर्माण तोड़ने पर बवाल हो गया। सरकारी टीम और भीड़ के बीच संघर्ष के दौरान कैंट बोर्ड और पुलिस के वायरलेस और असलहा लूटने की घटना भी सामने आई है। वहीं 100 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों में अचानक आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक धार्मिक स्थल भी आग की चपेट में आ गया। घटना के दौरान भीड़ पर फायरिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं भीड़ ने पुलिस पर बस्ती में आग लगाने का आरोप लगाया है।

क्या है मामला

क्या है मामला

मेरठ के सदर थाना क्षेत्र की भूसा मंडी की है। भूसा मंडी की झुग्गी-झोपड़ी में काफी संख्या में मजदूरी करने वाले लोग रहते हैं। इनमें से कुछ कबाड़ का काम करते हैं। बताया जा रहा है कि रहीसुद्दीन नाम का व्यक्ति मकान का निर्माण कर रहा था। बुधवार दोपहर कैंटोनमेंट बोर्ड की टीम और सदर थाने की पुलिस ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया। वहां रहने वाले लोगों और टीम के अधिकारियों में भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि गुस्साई भीड़ ने कैंट बोर्ड के एक कर्मचारी को पीट दिया और पुलिस के सिपाही सतेंद्र से वायरलेस, मोबाइल और असलहा छीन लिया। बवाल बढ़ने की सूचना पर पहुंची सदर थाने की पुलिस से भी हाथापाई हुई।

घरों में रखे कई सिलेंडर में हुआ विस्फोट

घरों में रखे कई सिलेंडर में हुआ विस्फोट

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने पुलिस की देख-रेख में झुग्गियों में आग लगाई दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बस्ती में मौजूद 100 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ी और मकान आग की चपेट में आ गए। एक धार्मिक स्थल भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। घरों में रखे कई सिलेंडर तेज आवाज से फट गए। इससे भगदड़ मच गई। घरों में बंधे कई पालतू पशु जलकर मर गए। उसके बाद भीड़ ने पुलिस और अन्य बाहरी लोगों को बस्ती में नहीं घुसने दिया। भीड़ आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। वहीं, पुलिस की मानें तो अतिक्रमण की कार्रवाई रोकने के लिए भीड़ में ही कुछ युवकों ने कूड़े में आग लगाई थी।

बसों में की गई तोड़फोड़

बसों में की गई तोड़फोड़

गुस्साई भीड़ मेरठ के भैसाली डिपो सौ से डेढ़ सौ लोगों ने बस पर हमला बोल दिया। गुस्साए लोगों ने जमकर बसों में तोड़फोड़ की और बस में सवार यात्रियों से लूटपाट की। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। जिसमें कई लोगों को गंभीर चोटें भी आई है। बस चालक के अनुसार उन्होंने डायल 100 पर भी कई बार फोन किया, लेकिन पुलिस की कोई मदद नहीं मिली सकी।

इंटरनेट सेवाएं बंद

इंटरनेट सेवाएं बंद

मेरठ में भारी बवाल के बाद पूरे शहर की इंटरनेट सेवाएं तेरह घंटे के लिए बंद कर दी गई है। शहर में तनाव के चलते बुधवार रात नौ बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की गई है। वहीं पूरे शहर में पुलिस और आरएएफ तैनात की गई है। बता दें कि डीएम अनिल ढींगरा के आदेश से सभी मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई।

स्थिति नियंत्रण में है: ADG

स्थिति नियंत्रण में है: ADG

बवाल की सूचना पर डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभाला लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ हैं। डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में हैं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आसपास के जिलों से दमकल वाहन बुलाकर आग पर काबू किया जा रहा है। घटना के लिए जांच टीम गठित कर दी है। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि मेरठ की घटना एक हादसा है। अफसर मौके पर स्थिति पर नियंत्रण रखे है।

ये भी पढ़ें:-यूपी में अखिलेश-मायावती के महागठबंधन को मिला एक और दल का साथ

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
conflicts in the Meerut to remove encroachment and beating of police
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X