मेरठ में ब्लैक फंगस के 20 नए मरीज, अब तक 10 लोगों की हो चुकी है मौत
मेरठ, मई 25: कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच यूपी में ब्लैक फंगस ने लोगों को तेजी से अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ और पश्चिमी यूपी का मेरठ इससे अधिक प्रभावित है। मेरठ में ब्लैक फंगस के 20 नए मरीज मिल हैं। जिले में अब तक कुल 129 मरीज मिल चुके हैं। नए मरीजों में 19 मरीज मेडिकल कॉलेज आौर एक आनंद अस्पताल में भर्ती हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, ब्लैक फंगस से अब तक 10 लोगों की मृत्यु हुई है। अब तक कुल 33 मरीज ठीक हो चुके हैं। 86 सक्रिय मामले हैं। मेडिकल कॉलेज में फिलहाल 65 मरीज भर्ती हैं। अन्य का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।

इंजेक्शन के लिए परेशान हो रहे लोग
कोरोना के बीच ब्लैक फंगस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब लोग इस बीमारी के इंजेक्शन के लिए परेशान होते दिख रहे हैं। सोमवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज में इंजेक्शन लेने वालों की भीड़ दिखी। कई लोगों को इंजेक्शन नहीं मिल सके। मेरठ के अलावा मुरादाबाद, बिजनौर आदि जिलों के मरीज भी परेशान हैं। कुछ लोगों को इंजेक्शन मिले भी हैं। इंजेक्शन के अलावा और दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
80 साल के बुजुर्ग के पेट में मिला ब्लैक फंगस
लखनऊ पीजीआई में बीते शनिवार को 80 साल के सुरेंद्र सिंह के पेट में ब्लैग फंगस मिला था। सुरेंद्र एक महीने पहले कोरोना संक्रमित हुए थे। उन्हें बाराबंकी से रेफर किया गया है। पीजीआई में मरीजों की संख्या 18 है, जबकि केजीएमयू में दो मरीजों की फंगस से मौत हो गई है। इनमें से एक मरीज देवरिया व दूसरा आजमगढ़ का था। बता दें, केंद्र सरकार के निर्देशों के क्रम में कोविड की तर्ज पर ब्लैक फंगस को भी 'अधिसूचित बीमारी' घोषित किया गया है। मेरठ के सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने दावा करते हुए बताया कि नमी से फंगस हो रहा है, ऐसे में मास्क बदले और अगर धुला है तो उसे धूप में सुखाएं। उन्होंने कहा कि मास्क में नमी होने की वजह से भी फंगस का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। सीएमओ के मुताबिक ब्लैक फंगस से लोग तेजी से रिकवर भी हो रहे हैं।












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