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अयोध्या मामले पर फैसला आने से पहले मेरठ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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मेरठ। अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब हर किसी को फैसले का इंतजार है। इसके लिए देश के कई हिस्सों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी काफी सतर्कता बरती जा रही है। ताकि किसी भी तरह की अफवाह फैलाकर लोगों की धार्मिक भवनाओं को न बिगाड़ा जा सके। इसके लिए मेरठ पुलिस भी जमीनी सुरक्षा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है।

ayodhya verdict meerut police take action against fake twitter account

सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफॉर्म ट्विटर पर राम, सीता, रावण, विभीषण सहित तमाम देवी-देवताओं के नाम से हैंडल बने हुए हैं। बाकायदा इनका संचालन हो रहा है। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले इन ट्विटर हैंडल से खूब धार्मिक टिप्पणियां हो रही हैं। मेरठ पुलिस ने ऐसे ट्विटर हैंडल पर जांच बैठा दी है। साइबर एक्सपर्ट्स की टीम को जांच में लगाया गया है। भगवान श्रीराम के नाम से बने ट्विटर हैंडल के एक ट्वीट पर काफी लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है।

भगवान श्रीराम नामक हैंडल से कई आपत्तिजनक ट्वीट किए गए हैं। मंदोदरी और विभीषण नाम से बने ट्विटर हैंडल से भी कई ऐसे ट्वीट हुए हैं, जिन पर लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। कुल मिलाकर अयोध्या प्रकरण पर फैसला आने से पहले ऐसे हैंडलों से हो रहे ट्वीट बवाल की वजह बन सकते हैं।

इन ट्विटर हैंडल की कोई पहचान तक नहीं है। उदाहरण के तौर पर भगवान श्रीराम के ट्विटर हैंडल में एड्रेस की जगह बैकुंठ लिखा है, वहीं सीता में अयोध्या और विभीषण नामक हैंडल में द किंग ऑफ लंका लिखा हुआ है। मतलब, जिन लोगों ने ये हैंडल बनाए हैं, उन्होंने अपनी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी है।

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English summary
ayodhya verdict meerut police take action against fake twitter account
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