"टाइनी लवर आफ लार्ड कृष्णा!" मथुरा के इस अद्भुत श्रीकृष्ण भक्त बालक पर बन रही है डाक्यूमेंट्री फिल्म
Documentary Film In Mathura: अद्भुत प्रतिभा के धनी भागवत शर्मा पर मशहूर फिल्म निर्देशिका बीनू राजपूत नई डाक्यूमेंट्री फिल्म "भक्त भागवत (टाइनी लवर आफ लार्ड कृष्णा)" बना रही है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक 5 वर्षीय बालक इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। भागवत शर्मा नाम के इस अद्भुत बालक के बारे में जानने से पहले आपको बता दें कि पांच वर्षीय भागवत शर्मा एक अद्भुत प्रतिभा का धनी है। जो कि आध्यात्मिक जीवन के लिये भी समर्पित है और भौतिक ज्ञान भी साथ-साथ पढ़ता है। यह अद्भुत बालक इतनी कम उम्र में भी गीता के श्लोकों का उच्चारण सहज भाव से कर देता है। जिसके चलते उसके सोशल मीडिया पर लाखों फाॅलोअर भी हैं। कहते हैं इस बालक पर श्रीकृष्ण की पूरी कृपा है। इसलिए मशहूर फिल्म निर्देशिका बीनू राजपूत इस बालक पर "भक्त भागवत (टाइनी लवर आफ लार्ड कृष्णा)" नाम की एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बना रही हैं।

गिरिराज जी की तलहटी में चल रही है फिल्म की शूटिंग
मथुरा के गोवर्धन का रहने वाला 5 वर्षीय बालक भागवत शर्मा अपने आध्यात्मिक ज्ञान की वजह से सोशल मीडिया पर लाखों लोगों द्वारा फॉलो किया जाता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि ये बालक अंग्रजी ज्ञान को भी ठाकुर जी से जोड़ता है। जिसके चलते अद्भुत प्रतिभा के धनी भागवत शर्मा पर मशहूर फिल्म निर्देशिका बीनू राजपूत नई डाक्यूमेंट्री फिल्म "भक्त भागवत (टाइनी लवर आफ लार्ड कृष्णा)" बना रही है। डाक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग गिरिराज जी की तलहटी में चल रही है। जानी मानी फिल्म निर्देशिका बीनू राजपूत ने बताया कि पांच वर्षीय भागवत शर्मा एक अद्भुत प्रतिभा का धनी है। जो कि आध्यात्मिक जीवन के लिये भी समर्पित है और भौतिक ज्ञान भी साथ-साथ पढ़ता है।

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माता के गर्भ में सुने हैं 'श्रीमद भागवत' के 18 हजार श्लोक
उन्होंनें बताया कि गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं, जिसकी भक्ति पिछले जन्मों में अधूरी रह जाती है, वह दोबारा जन्म लेकर स्वतः ही भक्ती करने लगता है। उन्होंने बताया कि जब ये बालक अपनी माता के गर्भ में था, तब इन्होनें अपनी माता से श्रीमद भागवत के 18 हजार श्लोक सुने हैं। गुरुकुल में दीक्षा ग्रहण करने वाले भागवत शर्मा सुबह 4 बजे उठते हैं और पूरा दिन भक्तिमय कार्य करते हैं। जैसे शास्त्रों के श्लोक याद करना, प्रवचन सुनना, कीर्तन करना, माला जप करना, सेवा करना इत्यादि। भागवत सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे विश्व में सनातन धर्म एवं वैदिक संस्कृति का प्रचार भी कर रहे हैं और अभी तक लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला चुके हैं। भागवत ने अंग्रेजी अक्षरों को भी भगवान के नामों से परिभाषित कर दिया। वे कहते है 'ए' से 'अर्जुन' और 'बी' से 'बलराम' होता है।












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