मथुरा पुलिस और एसटीएफ ने बरामद किया 4 करोड़ का गांजा, 9 तस्करों को भी पकड़ा
मथुरा पुलिस और एसटीएफ ने बरामद किया 4 करोड़ का गांजा, 9 तस्करों को भी पकड़ा
मथुरा, 04 सितंबर: नशा कारोबार के खिलाफ यूपी एसटीएफ ने अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के तहत शनिवार 03 सितंबर को यूपी एसटीएफ और मथुरा पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। दरअसल, आगरा खपाने के लिए जा रहे 15 कुंतल गांजे की एक बड़ी खेप को एसटीएफ ने मथुरा पुलिस के साथ मिलकर मगोर्रा क्षेत्र में पकड़ा है। साथ ही, नौ तस्करों भी गिरफ्तार किया है। तस्करों के पास से बरामद हुआ गांजे की कीमत करीब चार करोड़ रुपए बताई जा रही है।

चार करोड़ रुपए से ज्यादा है इस गांजे की कीमत
मथुरा एसएसपी अभिषेक यादव ने इस बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, 'मथुरा और नोएडा एसटीएफ द्वारा अन्तर्राज्यीय 09 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इन तस्करों के पास से 15 कुंतल से ज्यादा गांजा बरामद हुआ है। जिसकी अनुमानित कीमत करीब चार करोड रुपये है। गिरफ्तार अभियुक्तों में मुरादाबाद, आगरा और उड़ीसा तक के अपराधी शामिल है। इनके पास से एक ट्रक, बोलेरो और स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है।' बताया कि गांजे की यह बड़ी खेप भरतपुर की तरफ से मथुरा होते हुए आगरा जा रही थी।
इन तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि तस्करों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी गांजे की खेप की सप्लाई कहां-कहां होनी थी। बता दें कि पुलिस ने मोहम्मद आलम, फुरकान, जुबैर आलम, बाबू, मुनाजिर, इरशाद, फिरोज (सभी निवासीग बरैंठा, थाना मानठेर मुरादाबाद), विनय उर्फ भूरा निवासी कैलाश मंदिर, रोड सरोज विहार कॉलोनी, थाना सिकंदरा आगरा और सतीश निवासी जयपुर, थाना जयपुर, कोरापुर (ओडिशा) को गिरफ्तार किया है।
09 शातिर अन्तर्राज्यीय/अभयस्त/गांजा तस्कर को गिरफ्तार कर कब्जे से 1516.220 किलोग्राम अवैध गांजा( अनुमानित कीमत करीब चार करोड रुपये) की बरामदगी करने के सम्बन्ध में श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, महोदय मथुरा की बाइट। pic.twitter.com/TefmUE6ywg
— MATHURA POLICE (@mathurapolice) September 3, 2022
एक बार खेप पहुंचाने के मिलते थे एक लाख
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी मोहम्मद आलम ने पूछताछ में बताया, 'उसके गांव का एक युवक फहीम उड़ीसा से अवैध गांजा लाकर बेचता था। उस वक्त आलम को फहीम की एक खेप पहुंचाने के एवज में एक लाख रूपया मिलता था। आलम ने बताया कि वहां से काम सीखने के बाद उसने लगभग 4-5 साल खुद अवैध गांजे का काम करना शुरू कर दिया था। वह जनपद कोरापुट उडीसा के निवासी कार्तिक से लगभग ढाई हजार रुपये में माल लेने लगा था।
सब्जियों में छिपाकर सप्लाई होता था गांजा
इसके लिए वह ट्रक को चालक के साथ 25 प्रतिशत रूपया एडवांस के तौर पर कैश देकर छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के ट्रांसपोर्ट नगर के पास इंडियन ऑयल पैट्रोल पम्प पर भेजता था। वहां से कार्तिक के आदमी गाड़ी में भूसी एवं सब्जी आदि में अवैध गांजा छिपाकर पैट्रोल पम्प पर गाडी को वापस लाकर आलम के ट्रक चालक को दे देते थे तथा कार्तिक अपने लड़के सतीश को ट्रक के साथ भेज देता था।












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