आस्था की अनूठी तस्वीर: 700 Km की दूरी तय कर मथुरा पहुंचे लोटन बाबा, अगले 6 महीनों में पहुंचेंगे मां वैष्णो धाम
लोटन बाबा की आस्था लोगो को सोचने पर मजबूर कर देती है कि इस भीषण गर्मी में लोग जहां अपने वाहनों में सफर करने से बचते हैं, वहीं बाबा जमीन पर लेट-लेट कर फर्राटे भरते हुए माता रानी वैष्णो देवी के श्री चरणों की ओर बढ़ रहे हैं

आस्था कब किसके प्रति किस रूप में जग जाए और किस रंग में दिखाई दे यह कहा नहीं जा सकता। धर्म नगरी मथुरा में भी आजकल आस्था की अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है और जो भी आस्था के इस नजारे को देखता है तो पहले हैरान होता है और फिर कह उठता है कि बिना माता रानी की कृपा के यह संभव नहीं है।
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दरअसल, मध्यप्रदेश के नर्मदा पुरम के पिपरिया तहसील के पचमढ़ी रोड नाका के देवी मंदिर के महंत श्री श्री 108 गणेश गिरी महाराज उर्फ लोटन बाबा पंडा एक बार फिर सड़क पर लेटते-लेटते वैष्णो देवी की यात्रा पर निकले हैं। 10 नवंबर 2022 को मध्यप्रदेश के पिपरिया से उनकी यह यात्रा शुरू हुई थी जो अब 6 माह बाद कान्हा की नगरी मथुरा पहुंची है। लोटन बाबा का मानना है कि अगले 6 महीने बाद वह वैष्णो देवी धाम पहुंच जाएंगे।

9 बार इसी तरह जा चुके हैं मां वैष्णो धाम
तपती धूप में भीषण गर्मी के बीच सड़क पर लेटते हुए बाबा जब परिक्रमा लगाते हैं तो यह नजारा देख हर कोई हैरान हो जाता है। भिषण गर्मी में जब सड़क आग उगल रही होती है तब भी बाबा ऐसे ही अपनी यात्रा को जारी रखते हैं। आस्था के सामने न तो बाबा को कोई तकलीफ होती है न कोई दर्द होता है। बाबा का मनाना है कि माता रानी की कृपा के कारण ही वह इस तरह परिक्रमा लगा पाते है। बाबा ने बताया की वह इससे पूर्व 9 बार इसी तरह लेटते हुए मां वैष्णो धाम जा चुके हैं।

बिजली विभाग में थे लाइनमैन
लोटन बाबा पंडा बताते हैं कि पहले वह बिजली विभाग में लाइनमैन थे, लेकिन माता रानी की एक दिन ऐसी कृपा हुई कि वह नौकरी परिवार सब छोड़कर देवी की भक्ति में डूब गए। उन्होंने मध्य प्रदेश पिपरिया में एक देवी मंदिर की स्थापना की और तभी से वह वैष्णो देवी की यात्रा इसी तरह सड़क पर लोटते-लोटते पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी 10वी यात्रा है जो जन कल्याण और सनातन धर्म को जागृत करने और बचाए रखने के लिए है ।

बाबा के साथ चलती हैं 2 गाड़ियां
एक दिन में कई किलो मीटर लोटने के बाद बाबा जब परिक्रमा देते हुए अपनी यात्रा को विराम देते हैं, तब माता रानी की आरती उतारते हैं। आरती के दौरान बाबा माता रानी से शक्ति का आशीर्वाद लेते हैं ताकि उनकी यात्रा ऐसे ही निरंतर बनी रहे। बाबा के साथ में उनकी दो गाड़ियां भी साथ चलती हैं। एक गाड़ी आगे होती है जिसमें बाबा का जरूरत का सामान रखा होता है। माता रानी की तस्वीर भी इसी गाडी में रखी होती है, जो बाबा को शक्ति देती रहती है।

चार धाम की यात्रा पर भी जाएंगे बाबा
वही एक हाथ गाड़ी बाबा के पीछे चलती है। इसमें भी माता रानी की तस्वीर रखी हुई है और एक अखंड ज्योति जलती रहती है, जो बाबा को ऊर्जा प्रदान करती है। आगे पीछे दोनों गाड़ियों के बीच में बाबा फर्राटा मारते हुए अपने प्रण को पूरा करने के लिए आगे बढ़ते जाते हैं। बाबा के अनुसार 3 लोगों के साथ शुरू हुई यह यात्रा अगले 6 माह में पूरी हो जाएगी और बाबा वैष्णो देवी मंदिर पहुंच जाएंगे। इसके बाद बाबा चार धाम की यात्रा भी इसी प्रकार करने की बात कह रहे हैं।

ऐसे पड़ा बाबा का नाम 'लोटन बाबा'
बाबा के साथ चलने वाले लोगों ने बताया कि 1 दिन बाबा को सपना आया था, जिसके बाद से बाबा ने इस तरीके से परिक्रमा देना शुरू किया। तभी से बाबा का नाम लोटन बाबा पड़ गया। बाबा इससे पहले अपनी नौ यात्राएं लेट कर पूरी कर चुके हैं। बाबा को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती। उनका कहना है कि बाबा के ऊपर माता रानी की असीम कृपा है ।












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