Braj Darshan Yatra: बैलगाड़ी से कर सकेंगे अब भगवान श्रीकृष्ण की नगरी का भ्रमण, न जाम न प्रदूषण
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की लीलानगरी मथुरा में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से ऐतिहासिक मुहिम शुरू की जा रही है। यहां ब्रज 84 कोस परिक्रमा में श्रद्धालु अब बैलगाड़ी से भ्रमण कर सकेंगे। इस तरह की यात्रा का शुभारंभ संयोजक-संतों ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से कर दिया है। गोवर्धन-छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण गोशाला के व्यवस्थापक हेमंत यादव और गोरक्षा दल के आगरा मंडल संयोजक गौतम खंडेलवाल ने इस बारे में जानकारी दी।

बैलगाड़ी से कर सकेंगे ब्रज भ्रमण
मथुरा में श्रीकृष्ण गोशाला के व्यवस्थापक हेमंत यादव और गोरक्षा दल के आगरा मंडल संयोजक गौतम खंडेलवाल ने बताया कि, भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा आने वाले पर्यटक अब बैलगाड़ी में बैठकर ब्रज भ्रमण का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि, इसके लिए बुधवार को गोवर्धन में गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर बैलगाड़ी संचालन का ट्रायल किया गया है। उन्होंने बताया कि, यह इसलिए सफल होगा, क्योंकि, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से गोवर्धन-छटीकरा मार्ग पर श्रीकृष्ण गोशाला संचालित है।

गौशला के गोवंश की सेवा ली जाएगी
बता दें कि, इस गोशाला में करीब 4,500 गोवंश मौजूद है। जहां से बैल मिलेंगे और उनकी बग्घी का भी इंतजाम होगा। श्रीकृष्ण गोशाला के व्यवस्थापक हेमंत यादव और गोरक्षा दल के आगरा मंडल संयोजक गौतम खंडेलवाल का कहना है कि, अब एक बैल कम से कम 10 गोवंश के भरण पोषण की व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा कि, गोशाला में बैलगाड़ियां भी तैयार कराई जा रही हैं।

न प्रदूषण होगा, न ईंधन फुंकेगा
हेमंत यादव और गौतम खंडेलवाल के मुताबिक, बीते मंगलवार को गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर बैलगाड़ी का ट्रायल किया गया। बैलगाड़ी से ब्रज भ्रमण कराने की मुहिम शुरू होने से यहां गोवंश रखने वालों को भी आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा। बुजुर्गों का मानना है कि, बैलगाड़ी से वायु प्रदूषण भी नहीं होगा। न पेट्रोल चाहिए होगा, न डीजल। इसके अलावा गरीब भी अपनी जीविका चला सकेंगे। सजावट अलग से पर्यटकों को मोहेगी।












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