Maharashtra politics: क्या भाजपा अकेले लड़ेगी महाराष्ट्र निकाय चुनाव? अजित पवार कर रहे ये खेल!
Maharashtra local body elections: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत अन्य जिलों में जल्द स्थानीय नगर निकाय चुनाव होने वाले हैं। निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। स्थानीय निकाय में जीत हासिल करने के लिए पार्टियां ने दांव पेंच लगाना शुरू कर दिया है। वहीं इस चुनाव को लेकर महाराष्ट्र के सत्ताधारी महायुति गठबंधन में जमकर टकराव शुरू हो चुका है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे पहले ही आगामी बीएमसी चुनाव में कुछ सीटों को लेकर भाजपा के सामने शर्त रख दी थी। वहीं अब महायुति के दूसरे सहयोगी दल एनसीपी प्रमुख उपमुख्यमंत्री अजित पवार बड़ा खेला कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा आगामी स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी?

दरअसल, महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेता एक-दूसरे के सामने आ चुके हैं। एनसीपी प्रमुख अजित पवार निकाय चुनाव से पहले ऐसा खेल कर रहे हैं जिसकी भनक भाजपा विधायकों लग चुकी है और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इसकी शिकायत कर अगाह भी कर दिया है। भाजपा विधायकों और मंत्रियों का दावा है कि, "अजित पवार की वजह से आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा की स्थिति कमजोर हो सकती है।"
अजित पवार क्या कर रहे खेल?
भाजपा विधायकों का आरोप है कि डिप्टी सीएम महाराष्ट्र में उन उम्मीदवारों को मजबूत कर रहे हैं, जिन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को हराया था। एनसीपी खासकर मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र में भाजपा शासित निकायों को अजित पवार की एनसीपी टारगेट कर रही है। मराठवाड़ा के बीड, जालना, परभणी और पश्चिम महाराष्ट्र के पिंपरी, चिंचवड, पुणे और सांगली पर एनसीपी निगाहें गड़ाए हुए है।
क्या भाजपा अकेले लड़ेगी महाराष्ट्र निकाय चुनाव?
बता दें पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में एनसीपी और भाजपा दोनों ही मजबूत स्थिति में हैं। इन्हीं क्षेत्रों के जिलों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। भाजपा के विधायक ही नहीं फडणवीस कैबिनेट के मंत्री अजित पवार से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि महायुति में बढ़ती कलह और निकाय चुनाव में नुकसान से बचने और अपना वोट बैंक मजबूत करने के लिए भाजपा निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ सकती है।
हालांकि राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा की प्राथमिकता महायुति गठबंधन को एकजुट कर स्थानीय निकाय और बीएमसी चुनाव मिलकर लड़ने की होगी, क्योंकि महायुति में तीनों पार्टियां अकेले चुनाव लड़ेगी तो महायुति गठबंधन की साख खराब होगी जिसका लाभ विपक्षी महाअघाड़ी गठबंधन को हो सकता है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम 2024
गौरतलब है 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति ने राज्य की 288 सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की थी। जिसमें भाजपा ने 132, शिंदे शिवसेना ने 57 और अजित पवार की एनीपी ने 41 सीटें जीती थी। जिसमें मराठवाड़ा में भाजपा ने 46 में से 119 और एनसीपी ने 8 सीटें जीती थी और पश्चिम महाराष्ट्र की 70 विधानसभा सीटों में से 28 भाजपा और अजित पवार की एनसीपी ने 15 सीटें जीती थीं।












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