Jitendra Awhad: कौन हैं जितेंद्र आव्हाड, जो अजित पवार की बगावत के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष के होंगे नए नेता
Jitendra Awhad Biography: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने रविवार को पार्टी नेता जितेंद्र आव्हाड को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त किया है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद एनसीपी ने ये फैसला किया।

जितेंद्र आव्हाड अपना नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए रविवार (02 जुलाई) देर रात महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय पहुंचे। जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि वह शरद पवार के साथ खड़े हैं।
जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ''अगर एनसीपी प्रमुख शरद पवार उन विधायकों को फोन करना शुरू कर दें जो अजित पवार के साथ हैं, तो वे वापस आ जाएंगे। इन नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि पिछले 25 साल में पार्टी ने उन्हें मंत्री बनाया। अब, वे अपने नेता (83 वर्षीय शरद पवार) को आखिरी वर्षों में छोड़ रहे हैं।''
Who is Jitendra Awhad: कौन हैं जितेंद्र आव्हाड
59 वर्षीय जितेंद्र आव्हाड महाराष्ट्र के एक भारतीय राजनेता हैं। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)से हैं। जितेंद्र आव्हाड ठाणे जिले के मुंब्रा-कलवा से तीन बार के विधायक हैं। वह शरद पवार के करीबी सहयोगी भी हैं।
जितेंद्र आव्हाड पहले 2014 में चिकित्सा शिक्षा और बागवानी मंत्री और 2019 से 2022 तक आवास और अल्पसंख्यक मामलों के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है। उन्होंने 2020 से सोलापुर के संरक्षक मंत्री के रूप में भी कार्य किया है।
जितेंद्र आव्हाड वंजारी जाति से हैं और वह हिंदू धर्म का पालन करते हैं। उनका विवाह ट्रेड यूनियन नेता दत्ता सामंत की बेटी रुता सामंत से हुआ है। उनकी एक बेटी नताशा आव्हाड भी है।
जितेंद्र आव्हाड का राजनीतिक सफर
जितेंद्र आव्हाड एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में आए थे। उन्होंने 1982 में मुंबई विश्वविद्यालय में बढ़ती ट्यूशन फीस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। कहा जाता है कि आव्हाड शरद पवार से काफी प्रभावित थे और कांग्रेस की छात्र शाखा में शामिल हो गए थे।
जितेंद्र आव्हाड को 1988 में महाराष्ट्र नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) का मुख्य सचिव और 1991 में अखिल भारतीय एनएसयूआई का महासचिव नियुक्त किया गया था।
1996 में जितेंद्र आव्हाड को महाराष्ट्र युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जब शरद पवार कांग्रेस से अलग हो गए तो जितेंद्र आव्हाड भी एनसीपी में शामिल हो गए थे।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के प्रति उनकी वफादारी के कारण उन्हें 2004 और 2008 में दो बार महाराष्ट्र के विधान परिषद के सदस्य के रूप में नामांकित किया गया।
जितेंद्र आव्हाड ने 2014 में महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा और बागवानी के कैबिनेट मंत्री और 2019 में उद्धव ठाकरे की एमवीए सरकार के तहत आवास मंत्री के रूप में कार्य किया है।
इन विवादों में भी फंस चुके हैं जितेंद्र आव्हाड
एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते जितेंद्र आव्हाड कुछ विवादों में घिरे हैं। जितेंद्र आव्हाड पर 5 अप्रैल 2020 को अनंत करमुसे नामक एक सिविल इंजीनियर पर हमला करने का आरोप लगाया गया था। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
जितेंद्र आव्हाड पर 27 मई 2020 को उल्हासनगर में एक पार्टी समारोह के दौरान सिंधी समुदाय पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए भी मामला दर्ज किया गया था।












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