कौन हैं IPS अमितेश कुमार? कभी बिगाड़ा था दाऊद के चेले का प्लान, अब खोलेंगे पुणे हिट एंड रन केस का राज!
IPS Amitesh Kumar: पुणे के हिट एंड रन केस पर लगातार सियासत जारी है। इस घटना में एक रईसजादे ने अपनी महंगी पोर्श कार से दो इंजीनियरों को रौंदकर मौत के घाट उतार दिया। कार चालक के नाबालिग होने के कारण मामला जुवेनाइल कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने आरोपी को निबंध लिखने समेत तीन ऐसी सजा सुनाई, जिससे मामला सुर्खियों पर छा गया।
हालांकि, बाद में पुलिस ने आरोपी नाबालिग के पिता को गिरफ्तार कर लिया। अब मामले की जांच पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के हाथ में है। यह वहीं आईपीएस अफसर हैं, जिन्होंने 17 साल पहले अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सट्टेबाज चेले की प्लानिंग को मात दी थी। आइए हम आपको रूबरू कराते हैं इस तेज तर्रार आईपीएस से...

दिल्ली से की पढ़ाई, 1995 में बने IPS
- मूल रूप से पटना निवासी अमितेश कुमार ने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया है। कुमार ने साइबर लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है।
- 1995 में कुमार ने कड़ी मेहनत से संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में परचम लहराया।
- ऑल इंडिया की मेरिट लिस्ट में 59 वीं रैंक हासिल की। अमितेश कुमार को महाराष्ट्र कैडर का आईपीएस नियुक्त किया गया।
- आईपीएस की ट्रेनिंग के बाद अमितेश कुमार की पहली पोस्टिंग महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में हुई।
- 1997 में कुमार को, असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ACP) नियुक्त किया गया।
- कुमार को औरंगाबाद रूरल एरिया का एसपी(सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस) नियुक्त किया गया।
- कुमार ने अमरावती जिले के एसपी की जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद नागपुर के डिप्टी कमिश्नर के रूप में पोस्टिंग हुई।
तस्करों के लिए खौफ का नाम है ये IPS
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमितेश कुमार ने बिहार से आंध्र प्रदेश तक नक्सलियों के लिए किए जाने वाले हथियारों की तस्करी की पूरी चेन का पता लगाया था। जिसके बाद से ही कुमार तस्करों के सामने सिंघम बनकर उभरे थे। अमितेश कुमार को उनके कार्यों के लिए राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कैसे बिगाड़ा था दाऊद के चेले का प्लान? जानें पूरा किस्सा
2007 में नागपुर के पुलिस उपायुक्त रहते हुए अमितेश कुमार ने क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी थी। जब उन्होंने वनडे के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाड़ी मार्लोन सैमुअल्स और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के एक सट्टेबाज मुकेश कोचर के बीच टेलीफोन पर बातचीत को टेप करके मैच फिक्सिंग लिंक का खुलासा किया था। जिसके बाद दाऊद के चेले की सारी प्लानिंग धरी की धरी रह गई।
31 जनवरी, 2007 को टेप की गई बातचीत से पता चला था कि मार्लोन सैमुअल्स ने कथित तौर पर एक दिवसीय मैच के लिए बल्लेबाजी लाइन-अप के बारे में जानकारी दी थी। नागपुर पुलिस की जांच के आधार पर क्रिकेटर मार्लोन सैमुअल पर आईसीसी ने दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था। कुमार ने 2005 से 2007 तक नागपुर में डीसीपी के रूप में कार्य किया था।












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