IAS Ashwini Bhide कौन हैं? बनीं BMC की पहली महिला कमिश्नर, संभालेंगी देश की सबसे अमीर महानगरपालिका
Who is IAS Ashwini Bhide? अश्विनी भिडे को मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का आयुक्त नियुक्त किया गया है। अश्चिनी भिडे देश के सबसे धनी नागरिक निकाय का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं, उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे भूषण गगरानी का स्थान लिया।
उनकी नियुक्ति चार साल के लंबे इंतजार के बाद मुंबई में हुए नागरिक चुनावों के बाद हुई है, जिसमें भाजपा शिवसेना के समर्थन से सत्ता में आई है, जिससे यह पदभार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अश्विनी भिडे मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से नई भूमिका में आई हैं, जबकि महावितरण के सीएमडी लोकेश चंद्र अब सीएमओ का कार्यभार संभालेंगे। भिडे मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) का अतिरिक्त प्रभार भी जारी रखेंगी।
Who is IAS Ashwini Bhide: कौन हैं अश्विनी भिडे?
अश्विनी भिड़े भारत की एक वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जो 1995 बैच की महाराष्ट्र कैडर से संबंधित हैं। 25 मई 1970 को महाराष्ट्र के जायसिंगपुर में जन्मीं भिडे वर्तमान समय में देवेंद्र फडणवीस के मुख्य सचिव (Principal Secretary) के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) की प्रबंध निदेशक (MD) भी हैं, जहां वे मुंबई के मेट्रो नेटवर्क के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही हैं।
अश्विनी भिडे किनती पढ़ी-लिखी हैं, कौन हैं पति?
अश्विनी भिडे सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की।अश्विनी भिड़े का विवाह सतीश भिड़े से हुआ है, जो स्वयं भी IAS अधिकारी और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं। वे अपने व्यस्त प्रशासनिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी संतुलित करती हैं।

अश्विनी भिडे को "मुंबई की मेट्रो वुमन" क्यों कहा जाता है?
अश्विनी भिडे को "मुंबई की मेट्रो वुमन" के नाम से जाना जाता है। यह उपाधि उन्हें मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) के संचालन के लिए मिली है। MMRC में मुंबई मेट्रो लाइन 3 को पूरा करने से भिडे की पहचान बनी। कोलाबा से सीप्ज़ को जोड़ने वाली यह पहली अंडग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट की जटिल सुरंग निर्माण और भूमि अधिग्रहण जैसे कई अवरोधों से जूझती रही।
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के निकट विवादास्पद आरे कॉलोनी कार शेड का पर्यावरणविदों ने कड़ा विरोध किया, जो विकास बनाम संरक्षण की बहस का केंद्र था। उद्धव ठाकरे सरकार ने इस परियोजना को रोक दिया था। हालांकि, 2022 में नेतृत्व परिवर्तन के बाद इसे पुनर्जीवित किया गया। परियोजना को पटरी पर लाने के लिए अश्विनी भिडे को MMRC का नेतृत्व करने के लिए वापस बुलाया गया।
पर्यावरण और शहरी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मुंबई मेट्रो परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और हजारों परिवारों के पुनर्वास कार्यों को सफलतापूर्वक संभाला। उनके प्रभावशाली नेतृत्व के कारण उन्हें 2025 में फॉर्च्यून इंडिया की "Most Powerful Women" सूची में भी स्थान मिला।
अश्विनी भिडे संभाल चुकी हैं अहम जिम्मेदारियां
मुंबई के प्रशासनिक और इन्फ्रास्ट्रकर संबंधी कठिन प्रोजेक्ट्स को मुस्तैदी से संभालने के लिए पहचानी जाने वाली भिडे,कोल्हापुर, नागपुर औरसिंधुदुर्ग जिला परिषदों की सीईओ, MMRDA में अतिरिक्त आयुक्त और बीएमसी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पद संभाल चुकी हैं।












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