कौन हैं आचार्य तुषार भोसले? महाराष्ट्र के मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने की मांग, मचा बवाल
Who is Acharya Tushar Bhosale: महाराष्ट्र में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर एक नई बहस छिड़ चुकी है। आध्यात्मिक आघाडी के प्रमुख, आचार्य तुषार भोसले ने सभी मदरसों में 'वंदे मातरम्' को गाना अनिवार्य किए जाने की मांग राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार से की है।
आचार्य तुषार भोसले ने कहा कि वंदे मारतम का गान करवाने के नियम का पालन जो मदरसा नहीं करते, उनकी फंडिंग सरकार को तुरंत बंद कर देनी चाहिए। आचार्य तुषार की इस मांग और बयान पर राज्य की राजनीति में एक नया बवाल मच गया है। जानिए आखिर कौन हैं आचार्य तुषार भोसले?

आचार्य तुषार ने किया ये अहम सवाल
आचार्य तुषार भोसले ने कहा कि 'वंदे मातरम्' राष्ट्र की आत्मा है और प्रत्येक भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कुछ स्कूलों में 'वंदे मातरम्' गाने पर हुए विरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह राष्ट्र के गौरव के खिलाफ है। भोसले ने सवाल उठाया, "स्कूल हमारे, देश हमारा, छात्र हमारे और सरकार भी हमारी है... फिर विरोध कौन कर रहा है? ऐसे लोग कौन हैं जो भारत में रहकर भी देशभक्ति से परहेज करते हैं?"
"जो देश में रहना चाहता है उसे वंदे मारतम् गाना ही होगा"
भोसले ने तीखे शब्दों में कहा, "जो इस देश में रहना चाहता है, उसे वंदे मातरम् गाना ही होगा।" उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से अपील की कि राज्य के सभी मदरसों में राष्ट्रगीत का प्रतिदिन गान अनिवार्य किया जाए। भोसले ने यह भी जोड़ा कि जो मदरसे इस आदेश का पालन करने से इनकार करते हैं, उनका सरकारी फंड तत्काल रोक दिया जाना चाहिए।
कौन हैं आचार्य तुषार भोसले?
तुषार भोसले भारतीय जनता पार्टी की आध्यात्मिक आघाडी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पहले वह प्रदेश सह-संयोजक थे। उनका जन्म नासिक जिले में शालिग्राम पितांबर भोसले और विमल भोसले के घर हुआ। उन्होंने वेदांत वाचस्पति जगन्नाथ महाराज के पास वेदाध्ययन किया और उनके पट्टशिष्य भी माने जाते हैं।
आचार्य तुषार भोसले के नाम दर्ज है ये रिकार्ड
आचार्य भोसले ने 17 साल की उम्र में लगातार 365 दिनों तक प्रवचन देने का रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने मुंबई के भारतीय विद्याभवन से आगे की शिक्षा प्राप्त की, जहां 2012 में उन्हें अद्वैत वेदांत में 'शास्त्री' और 2014 में 'आचार्य' की उपाधि मिली। इससे स्पष्ट होता है कि "शास्त्री" और "आचार्य" उनकी शैक्षणिक उपाधियां हैं।
तुषार भोसले पहले ये मुद्दें उठा चुके हैं
तुषार भोसले पहले भी मंदिर और वारी से जुड़े मुद्दों पर महाविकास अघाड़ी के नेताओं से भिड़ चुके हैं। एक बार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की, तो कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि सरकार को देश के सभी देवस्थान ट्रस्टों में जमा सोने को ऋण के रूप में लेना चाहिए।
क्या सरकार मदरसों में वंदे मारतम् गाना करेगी अनिवार्य?
भोसले के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहाँ विपक्षी दल इसे धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश बता रहे हैं, वहीं उनके समर्थक इसे राष्ट्रीय सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मान रहे हैं। महाराष्ट्र में राष्ट्रगीत को लेकर पहले भी विवाद हुए हैं, लेकिन मदरसों को लेकर दिया गया यह बयान नई चर्चा का केंद्र बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले पर क्या निर्णय लेती है और क्या मदरसों में 'वंदे मातरम्' अनिवार्य करने का कोई आदेश जारी किया जाता है या नहीं।












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