शिवसेना विधायकों की अयोग्यता पर सुनवाई की तारीख पक्की, फिर क्यों उद्धव की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी?
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) का भविष्य, विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले पर टिका हुआ है। नार्वेकर के पास मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विधायकों की अयोग्यता का मामला लंबित है, जिसपर जल्द सुनवाई के लिए ठाकरे की टीम बार-बार सुप्रीम कोर्ट तक की दौड़ लगा रही है।
उद्धव गुट वाली शिवसेना की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पीकर से कहा था कि विधायकों की अयोग्यता मामले की सुनवाई के लिए शेड्यूल बनाएं। इसके बाद शिवसेना (उद्धव बाल ठाकरे) खेमे में जोश भरा हुआ था कि अब स्पीकर राहुल नार्वेकर के पास इसमें देरी करने की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

अयोग्यता पर इस साल फैसला आने की उम्मीद नहीं
लेकिन, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने जो शिवसेना विधायकों के खिलाफ अयोग्यता के मामले की सुनवाई के लिए शेड्यूल जारी किया है, उससे उद्धव गुट और बेचैन हो गया है। क्योंकि, शेड्यूल देखने के बाद लग नहीं रहा है कि इस साल स्पीकर की ओर से इसपर कोई फैसला आने की उम्मीद बच गई है।
स्पीकर की ओर से जारी हुआ है ये शेड्यूल
शेड्यूल के अनुसार 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के 16 एमएलए उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दायर हलफनामे पर जवाब देंगे। इसके बाद 13 अक्टूबर को उद्धव गुट की ओर से सभी 16 एमएलए के मामलों को एकसाथ करने को लेकर दायर याचिका पर बहस और सुनवाई की जाएगी। क्योंकि, शिंदे की शिवसेना की ओर से मांग की गई है कि उनकी याचिकाओं को एकसाथ नहीं किया जाए।
20 अक्टूबर को स्पीकर इसपर फैसला करेंगे कि सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हो या फिर उन्हें अलग-अलग सुना जाए। 27 अक्टूबर को दोनों ओर से यह दलीलें रखी जाएंगी कि इस मामले में किन दस्तावेजों पर गौर किया जाए। 6 नवंबर को दोनों पक्ष की ओर से लिखित जवाब दिया जाएगा कि अयोग्यता पर फैसला करते समय किन मुद्दों पर विचार किया जाए।
दिसंबर तक खिंच रहा है शेड्यूल
10 अक्टूबर को स्पीकर दोनों पक्ष को सुनेंगे कि अयोग्यता पर फैसला लेते समय किन विषयों को देखा जाना जरूरी है। 20 नवंबर को दोनों ओर से स्पीकर के सामने गवाह और हलफनामे पेश किए जाएंगे। 23 नवंबर को दोनों पक्षों के बीच जिरह कराई जाएगी। जब दोनों पक्षों की जिरह और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, उसके दो हफ्तों बाद स्पीकर अपने फैसले के बारे में जानकारी देंगे।
शेड्यूल देखकर बैचैन है उद्धव ठाकरे गुट
इस शेड्यूल को देखकर उद्धव ठाकरे खेमे की नींद और उड़ चुकी है। उन्हें लगता है कि यह जानबूझकर देरी करने का एक और हथकंडा है। उनसके हिसाब से स्पीकर को सारी याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई करके फैसला देना चाहिए।
आदित्य ठाकरे ने 'एक्स' पर निकाली भड़ास
उद्धव गुट की नाराजगी पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने 'एक्स' पर जाहिर की है। उन्होंने स्पीकर पर आरोप लगाया है कि वे देरी के हथकंडे अपनाकर एक तरह से 'असंवैधानिक सरकार' को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि 'यह देखना दुखद है कि एक असंवैधानिक सरकार को इस तरह से समर्थन किया जा रहा है।'
पिछले साल जून में सीएम एकनाथ शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे से बगावत करके शिवसेना के अधिकतर विधायकों को अपने साथ कर लिया था। इससे उद्धव की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार तो गिर ही गई, अधिकतर एमएलए भी उद्धव का साथ छोड़ गए। शिवसेना और पार्टी के चुनाव निशान पर इलेक्शन कमीशन ने शिंदे गुट का दावा माना है। लेकिन, उनके और उनके गुट के विधायकों पर लटकी अयोग्यता की तलवार अभी तक दूर नहीं हुई है।












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