'अगर वे असली शिवसेना हैं तो हमें अयोग्य क्यों नहीं ठहराया', स्पीकर के फैसले पर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
Shiv Sena MLAs disqualification case: शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है। स्पीकर राहुल नार्वेकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी। इसी के साथ शिवसेना के किसी भी गुट का कोई भी विधायक अयोग्य नहीं है।
अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर वे (शिंदे गुट) असली शिवसेना हैं तो हमें अयोग्य क्यों नहीं ठहराया गया। इसी के ठाकरे ने स्पीकर के फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे लड़ाई- ठाकरे
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शिंदे गुट को "असली" शिवसेना राजनीतिक दल बताए जाने पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जनता के बीच रहे हैं, जनता के बीच रहेंगे और जनता को साथ लेकर आगे की लड़ाई हम लड़ेंगे।
उन्होंने आगे कहा, "आज जो स्पीकर का आदेश आया है वह लोकतंत्र की हत्या है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी अपमान है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि राज्यपाल ने अपने पद का दुरुपयोग किया है और गलत फैसला लिया है। हम ये लड़ाई आगे लड़ेंगे और हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है।
उद्धव ने कहा अगर एकनाथ शिंदे असली शिवसेना हैं तो उन्होंने हमारे गुट को अयोग्य क्यों नहीं ठहराया। मुझे लगता है कि विधानसभा अध्यक्ष ने जनादेश को नहीं समझा। उन्हें क्या करने के लिए कहा गया था।
ठाकरे ने आगे कहा कि यह अयोग्यता का एक साधारण मामला था। सुप्रीम कोर्ट ने एक रूपरेखा तैयार की, लेकिन स्पीकर ने सोचा कि वह सुप्रीम कोर्ट से ऊपर हैं और अपनी खुद की अदालत और फैसला लेकर आए शायद उन्हें समझ नहीं आया या ऊपर से आदेश था।
आदित्य ठाकरे का ट्वीट
वहीं शिंदे गुट को असली शिवसेना करार देने पर शिव सेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने ट्वीट करते हुए कहा कि आज के फैसले ने आधिकारिक तौर पर हमारे राज्य में लोकतंत्र और संविधान के सिद्धांतों और स्तंभों की हत्या कर दी है।
उन्होंने आगे कहा यह फैसला केवल शिव सेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे के बारे में नहीं था। यह है हमारे देश के संविधान और लोकतंत्र के बारे में। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि इस घृणित राजनीतिक खेल के खिलाफ संविधान और लोकतंत्र की सुरक्षा होगी।
जानें अपने फैसले पर क्या बोले स्पीकर?
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अपने फैसले में कहा कि 21 जून 2022 को जब प्रतिद्वंद्वी गुट बना तब शिंदे गुट ही असली शिवसेना राजनीतिक दल था। शिवसेना के 2018 संशोधित संविधान को वैध नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह भारत के चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है। रिकॉर्ड के अनुसार मैंने वैध संविधान के रूप में शिव सेना के 1999 के संविधान को ध्यान में रखा है।












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