'भाजपा के अहंकार को दर्शाती है', अमित शाह की अंबेडकर पर टिप्पणी भड़के उद्धव ठाकरे

Bhimrao Ambedkar News: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार 17 दिसंबर को सदन में बाबा साहेब भीमरव अंबेडकर पर टिप्पणी की थी। अमित शाह की इस टिप्पणी पर हंगामा मचा हुआ है, विपक्षी दलों ने शाह से माफी मांगने की मांगा की है। साथ ही, पीएम मोदी से शाह का इस्तीफा भी मांगा है।

शाह की टिप्पणी पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया भी सामने आई। शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि समाज सुधारक डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी भाजपा के "अहंकार" को दर्शाती है और उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके खिलाफ कार्रवाई करें।

Uddhav Thackeray

ठाकरे ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा पर छत्रपति शिवाजी महाराज और अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि शाह भाजपा और आरएसएस के समर्थन के बिना संविधान के मुख्य निर्माता के बारे में टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं कर सकते थे।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि डॉ. अंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी पार्टी (भाजपा) के अहंकार को दर्शाती है और इसका असली चेहरा उजागर करती है। उन्होंने आगे मांग की कि अगर पीएम मोदी शाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा देश से डॉ. अंबेडकर का नाम मिटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता और ऐसा करने की कोशिश में राष्ट्रीय पार्टी खुद ही खत्म हो जाएगी। इस दौरान ठाकरे ने पूछा क्या तेलुगु देशम पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) और शिवसेना जैसे भाजपा के सहयोगी शाह की टिप्पणियों से सहमत हैं।

उद्धव ठाकरे ने यह भी पूछा कि क्या संसद में शाह के बयानों के विरोध में अठावले केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देंगे। ठाकरे ने आरएसएस से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या वह शाह के विचारों का समर्थन करता है। ठाकरे ने अपने पूर्व सहयोगी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भाजपा का हिंदुत्व 'भ्रामक' है और 'फूट डालो और राज करो' की नीति से प्रेरित है।

उन्होंने उन पर 'सत्ता जिहाद' (पावर जिहाद) में शामिल होने और यह दावा करके महाराष्ट्र के इतिहास को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया कि उनके शासन से पहले कोई अस्तित्व में नहीं था। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने संसद में शाह के भाषण का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने डॉ अंबेडकर के प्रति भाजपा की नफरत को उजागर किया।

आदित्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी की, "एक ऐसे व्यक्ति के लिए इतनी नफरत जिसने करोड़ों लोगों को न्याय और सम्मान दिया।" शाह की टिप्पणी के जवाब में आदित्य ने शिवसेना (यूबीटी) विधायकों के एक समूह को नागपुर में दीक्षाभूमि तक पहुंचाया।

यह स्थल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं पर अंबेडकर ने 1956 में हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। यह मार्च शाह की टिप्पणियों के खिलाफ एक विरोध मार्च था। आदित्य कहा कि हम केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा बाबासाहेब अंबेडकर के अपमान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। देश इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा।

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