'मेरे बेटी-दामाद को नदी में फेंक दो', महाराष्ट्र के मंत्री धर्मरावबाबा ने क्यों दिया ये बयान? देखें Video
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री और एनसीपी नेता धर्मरावबाबा आत्राम ने अपने बेटी और दामाद के लिए भरी सभा में ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर सब अचंभित हो गए। मंत्री ने अपनी बेटी भाग्यश्री और दामाद ऋतुराज हलगेकर कि लिए कहा उन्हें नदी में फेंक देना चाहिए। मंत्री का ये बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने ये बात महायुति सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 'जनसंपर्क यात्रा' के दौरान कही। अहेरी विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को संबोधित करते हुए जब उन्होंने अपने भाषण में ये बात बोली तो महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी मौजूद थे। आइए जानते हैं आखिर क्या वजह है कि शिंदे सरकार के मंत्री अपने ही सगे बेटी-दामाद से इतने नाराज हो गए कि भरी सभा में उन्हें नदी में फेंकने का बयान दे डाला।

बेटी- दामाद से क्यों नाराज हुए धर्मरावबाबा
दरअसल, मंत्री धर्मरामबाबा आत्राम की बेटी भाग्यश्री महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले महा विकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-एसपी में गुट में शामिल हो सकती हैं।
मंत्री धर्मरावबाबाद आत्राम ने अपनी बेटी के विपक्षी एनसीपी गुट में शामिल होने की संभावना पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कहा "लोग पार्टी छोड़कर चले जाते हैं, लेकिन उन पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। मंत्री ने कहा हमारे परिवार के कुछ लोग मेरे राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके दूसरी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं।
मेरे बेटी दामाद पर भरोसा मत करो
खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री धर्मरावबाबा आत्राम 40 वर्षों से लोग राज्य की राजनीति में दलबदल करवाते रहे हैं। अब शरद पवार गुट के नेता मेरे घर को बांटना चाहते हैं और मेरी बेटी को मेरे खिलाफ खड़ा करना चाहते हैं। मेरे दामाद और बेटी पर भरोसा मत करो।
मेरे बेटी- दामाद को प्राणहिता नदी में फेंक दो
मंत्री ने कहा अपनी बेटी और दामाद पर विश्वासघात का आरोप लगाया और मतदाताओं से उन पर भरोसा न करने की अपील की। उन्होंने कहा "इन लोगों ने मुझे धोखा दिया है मेरे साथ विश्वासघात किया है। सभी को उन्हें पास की प्राणहिता नदी में फेंक देना चाहिए।
जो बेटी बाप की नहीं हुई वो आपकी क्या होगी?
मंत्री ने कहा वे मेरी बेटी को अपने पक्ष में कर रहे हैं और उसे उसके पिता के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। जो लड़की अपने पिता की बेटी नहीं बन सकी, वह आपकी कैसे बन सकती है? आपको इस बारे में सोचना होगा। वह आपको क्या न्याय देगी? उन पर भरोसा न करें। राजनीति में मैं इसे अपनी बेटी, भाई या बहन के रूप में नहीं देखूंगा।"
अजित पवार ने मंत्री की बेटी को दी ये सलाह
एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार ने भी मामले पर बोलते हुए कहा भाग्यश्री से सीधे अपील की। उन्होंने कहा, "पूरा परिवार धर्मरावबाबा के साथ है, जिन्होंने उनमें से एक को जिला परिषद का अध्यक्ष बना दिया है। लेकिन अब वे (भाग्यश्री) खुद धर्मरावबाबा से मुकाबला करने की तैयारी कर रहे हैं। कुश्ती हमारे बीच बहुत लोकप्रिय है। हमेशा गुरु अपने से सीखने वाले को सभी दांव-पेंच नहीं सिखाता। वह एक को बचाकर रखता है, लेकिन दूसरों को सिखाता है। पवार ने सलाह दी कि मैं उनसे (भाग्यश्री से) कहना चाहता हूं कि वे गलती न करें। अपने पिता के साथ रहें।












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