महाराष्ट्र की उद्धव सरकार को झटका, महाविकास अघाड़ी गठबंधन से अलग हुई ये पार्टी
महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल स्वाभिमानी पक्ष ने ऐलान किया है कि अब वो इस गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी।
मुंबई, 6 अप्रैल: महाराष्ट्र में चल रही सियासी उठापटक के बीच उद्धव ठाकरे सरकार को बड़ा झटका लगा है। महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल स्वाभिमानी पक्ष ने ऐलान किया है कि अब वो इस गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी। स्वाभिमान पक्ष के नेता राजू शेट्टी ने मंगलवार को अपनी पार्टी के अधिवेशन में गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए कहा, 'हमने पार्टी नेताओं के साथ लंबी चर्चा के बाद इस गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया है। आज और अभी से स्वाभिमानी पक्ष और महाविकास अघाड़ी के बीच किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है।'

इकलौते विधायक को पहले ही निकाल चुकी है पार्टी
आपको बता दें कि राजू शेट्टी ने हाल ही में अपनी पार्टी के इकलौते विधायक देवेंद्र भुयार को 'स्वाभिमानी पक्ष' से निष्कासित किया था। राजू शेट्टी ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही देवेंद्र भुयार एनसीपी नेताओं के संपर्क में हैं और कभी भी स्वाभिमानी पक्ष के मंच पर दिखाई नहीं दिए, इसलिए उन्हें पार्टी से बाहर किया जाता है। 2019 के विधानसभा चुनाव में देवेंद्र भुयार महाराष्ट्र की मोर्शी सीट से स्वाभिमानी पक्ष के टिकट पर चुनाव जीते थे।

'किसानों के मुद्दे पर हमें भी विरोध के लिए उतरना पड़ा'
मंगलवार को पार्टी के अधिवेशन में राजू शेट्टी ने कहा, 'महाविकास अघाड़ी गठबंधन में न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत तय हुआ था कि किसानों का हित सरकार के लिए सर्वोपरि रहेगा। मेरी पार्टी भी इस गठबंधन का हिस्सा बनी। हालांकि, पिछले ढाई साल की सरकार में, हमें भी बाढ़ से हुए नुकसान के लिए किसानों को उचित मुआवजे की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करना पड़ा। किसानों की भूमि अधिग्रहण के बदले सरकार ने मुआवजे की राशि घटाई और उसके लिए भी हमारी पार्टी सड़कों पर उतरी।'

'किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार फेल'
राजू शेट्टी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार फेल साबित हुई है। और, इसी वजह से आज मैं इस मंच से ऐलान करता हूं कि अब महाविकास अघाड़ी के साथ हमारा कोई संबंध नहीं है। गठबंधन से अलग होने के बाद हम किसानों के बीच जाएंगे, उससे बात करेंगे और अपने फैसले की जानकारी देंगे।'

कौन हैं राजू शेट्टी?
गौरतलब है कि देवप्पा अन्ना शेट्टी उर्फ राजू शेट्टी ने जिला परिषद सदस्य के तौर पर अपनी सियासी पारी शुरू की थी और इसके बाद दो बार सांसद चुने गए। राजू शेट्टी का नाम उन 12 लोगों में भी शामिल हैं, जिन्हें विधायक (एमएलसी) बनाने के लिए राज्यपाल की तरफ से सिफारिश की जाती है। मंगलवार को पार्टी के अधिवेशन में राजू शेट्टी ने कहा कि वो राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से कहेंगे कि उनका नाम उस लिस्ट से हटा दिया जाए।
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