Supriya Sule बोलीं, भाजपा भाई अजित व पिता से बहुत प्रभावित, तमिलनाडु के गवर्नर का फैसला असंवैधानिक
Supriya Sule राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। इनके बयानों की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि सुप्रिया सुले लोक सभा सांसद होने के साथ-साथ NCP का शीर्ष ओहदा संभाल रही हैं।
सुप्रिया ने शुक्रवार को कहा, भाजपा उनके पिता शरद पवार और चचेरे भाई अजीत पवार के प्रति आसक्त है। सुप्रिया की टिप्पणी 2019 में महाराष्ट्र में बनी MVA सरकार गिरने के बाद भाजपा नीत सरकार के गठन को लेकर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग के बीच आई है।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भाजपा पर निशाना साधते हुए बारामती से लोक सभा सांसद सुप्रिया ने कहा कि भाजपा के पास देश या राज्य के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है।
जन्मदिन की बधाई देने आए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा, ''मुझे इस बात की खुशी है कि केंद्र और राज्य की राजनीति मेरे पिता और भाई (राकांपा नेता अजीत पवार) के इर्द-गिर्द घूमती है। भाजपा उनसे बहुत प्रभावित है।''
उन्होंने कहा, बीजेपी के पास देश और राज्य के विकास के लिए एक दृष्टिकोण तैयार करने का समय नहीं है। सुप्रिया ने सवाल किया कि भाजपा मुद्रास्फीति कैसे कम करेगी और नौकरियां कैसे पैदा होंगी?"
गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने जेल में बंद डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया। इस पर सुप्रिया ने कहा, यह असंवैधानिक है, अगर राज्यपाल मंत्री को बर्खास्त करेंगे तो देश में लोकशाही नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के CM स्टालिन ने जो स्टैंड लिया वह बिल्कुल सही है। आज तमिलनाडु में ऐसा हुआ है कल दिल्ली में होगा। इस तरह देश में संविधान कैसे बचेगा?
सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिस गृह मंत्रालय को लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए वह पूरी तरह से विफल रहा है। सरकार एक साल के शासन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।
सुप्रिया ने कहा, एकनाथ शिंदे की सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया है, उन्होंने किसानों की कमर तोड़ दी है। महंगाई बढ़ रही है। विकास दर थम गई है। मुद्रास्फीति और महंगाई असाधारण रूप से ऊंची है।
बता दें कि नवंबर 2019 में पहले भाजपा ने अजित पवार के साथ सरकार बनाई थी। फिलहाल उपमुख्यमंत्री के तौर पर सरकार चला रहे पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस की जमकर किरकिरी हुई थी। इसके बाद शिवसेना-कांग्रेस और राकांपा के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार बनी थी।
उद्धव ठाकरे नीत MVA सरकार गिरने के बाद फडणवीस एक फिर सरकार में लौटे, लेकिन उन्हें डिप्टी सीएम पद से संतुष्ट होना पड़ा है। अजीत पवार और भाजपा की कथित करीबी के बीच दोनों दलों के नेताओं के बीच वाकयुद्ध भी हो रहा है।
डिप्टी सीएम फडणवीस के पास वित्त और गृह विभाग हैं। सुप्रिया सुले ने कहा, "वह (फडणवीस) केवल उन मुद्दों पर बोलना चाहते हैं जो वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिक नहीं हैं। वह केवल समय में पीछे जाकर सुबह-सुबह शपथ ग्रहण और गपशप के बारे में बोलना चाहते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
सुप्रिया ने कहा, च्यूइंग गम का स्वाद शुरुआत में अच्छा होता है , लेकिन फिर यह बेस्वाद हो जाता है।" राकांपा नेता ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार जून 2022 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की सरकार गिराकर सत्ता में आई थी। राज्य में सुशासन के अलावा सब कुछ है।
बता दें कि शिंदे नीत शिवसेना और भाजपा सरकार ने 30 जून को अपना एक साल पूरा कर लिया। सुप्रिया सुले ने कहा, "जब तक (राकांपा अध्यक्ष) शरद पवार को निशाना नहीं बनाया जाता, कोई खबर नहीं है।"
गौरतलब है कि फडणवीस ने हाल ही में कहा था कि शरद पवार पिछले विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ सरकार बनाने पर सहमत हुए थे, लेकिन बाद में पीछे हट गए।
इस पर राकांपा प्रमुख ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी तीन साल से अधिक समय पहले सरकार गठन के लिए भाजपा के संपर्क में थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को बेनकाब करने के लिए "कुछ चीजें की गईं" जिससे साफ हुआ कि सत्ता पाने के लिए बीजेपी कितनी दूर तक जा सकती है।
बता दें कि तत्कालीन गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में अप्रत्याशित रूप से तड़ते चार-पांच बजे के बीच फडणवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। हालांकि, सरकार सिर्फ 80 घंटे तक चली और फडणवीस को रिजाइन करना पड़ा।
यह असंवैधानिक है, अगर राज्यपाल मंत्री को बर्खास्त करेंगे तो देश में लोकशाही नहीं रहेगी। CM स्टालिन ने जो स्टैंड लिया वह बिल्कुल सही है। आज तमिलनाडु में ऐसा हुआ है कल दिल्ली में होगा। इस तरह देश में संविधान कैसे बचेगा?: NCP कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले, मुंबई https://t.co/LUG00gCg4h pic.twitter.com/XFbjsronA2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 30, 2023
The safety of women in the state is not being taken seriously. The Home Ministry which should be focusing on the safety of the people has completely failed. The govt in their one year of rule has not only failed to maintain law and order but has done nothing for the farmers, they… pic.twitter.com/5cKe3dpbu5
— ANI (@ANI) June 30, 2023












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