महाराष्ट्र: उद्धव VS शिंदे गुट का मामला बड़ी बेंच में ट्रांसफर, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उद्धव बनाम शिंदे की शिवसेना का मामला 7 जजों की बड़ी बेंच को सौंप दिया है।

Uddhav Thackeray vs Eknath shinde: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे बनाम एकनाथ शिंदे गुट के मामले में आज सु्प्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अब बड़ी बेंच में ट्रांसफर कर दिया। इसके साथ ही फिलहाल एकनाथ शिंदे समेत 16 विधायकों के भविष्य पर फैसला टल गया है। अब सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच शिवसेना विधायकों की अयोग्यता के मामले पर फैसला सुनाएगी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट को फटकार भी लगाई। साथ ही स्पीकर के फैसले पर भी सवाल उठाया।
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या सब कहा?
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल की तरफ से उद्धव ठाकरे को फ्लोर टेस्ट के लिए कहना सही नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने खुद इस्तीफा दिया। उनकी दोबारा बहाली नहीं हो सकती है। एकनाथ शिंदे को सरकार का निमंत्रण देकर राज्यपाल ने कोई गलती नहीं की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा MLA की लंबित अयोग्यता मामले का स्पीकर जल्द निपटारा करें।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले पर उठाया था सवाल
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि राज्यपाल को पार्टी विवाद में नहीं पड़ना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट उद्धव ठाकरे के इस्तीफे को रद्द नहीं कर सकता है क्योंकि उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया था। बहुमत परीक्षण नियमों के आधार पर होना चाहिए था। अंदरुी विवाद के लिए फ्लोर टेस्ट सही नहीं था।
स्पीकर पर भी सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि स्पीकर को राजनीतिक दल द्वारा नियुक्त व्हिप को ही मान्यता देनी चाहिए। शिंदे समूह का व्हिप नियुक्त करना स्पीकर का गलत फैसला था। उन्हें कानून के दायरे में काम करना चाहिए था।












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