Maharashtra politics: क्या महाराष्ट्र में फिर कुछ बड़ा होने वाला है? मिल रहे हैं ऐसे संकेत

महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन या एमवीए दोनों में ही अंदर ही अंदर कुछ न कुछ चलने के संकेत मिल रहे हैं। यह सामान्य सी सियासी बयार है या आने वाले दिनों में फिर से कोई बड़ा सियासी तूफान आने वाला है, यह बड़ा दिलचस्प सवाल बन गया है।

हालांकि, फिलहाल इतना तय है कि चाहे जो भी हो रहा हो, इस समय महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी की भूमिका सत्ताधारी और विपक्षी दोनों ही खेमों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो चुकी है और इसके केंद्र में एक बार फिर से चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार ही नजर आ रहे हैं।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री 'बहुत बीमार' हैं?
पहले तो शनिवार को सत्ताधारी शिवसेना के एमएलए और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खास संजय शिरसाट ने यह दावा कर दिया कि सीएम बहुत ही बीमार हैं और आराम के लिए सतारा स्थित अपने गांव दरे चले गए हैं। उन्होंने यहां तक दावा किया कि '15 अगस्त के बाद वे लोग मुख्यमंत्री को जबर्दस्ती अस्पताल में भर्ती करावएंगे।' हालांकि, सीएमओ के अधिकारियों ने शिराट के दावों का यह कहकर खंडन किया कि उनका बीपी गिरा था और वह काफी सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन चिंता जैसी कोई बात नहीं है।

डिप्टी सीएम अजित पवार ने भी कही सीएम के स्वस्थ नहीं होने की बात
दरअसल, शनिवार को सीएम शिंदे को पुणे में चांदनी चौक फ्लाइओवर के उद्घाटन के लिए आना था। इस मौके पर डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ नहीं हैं और आराम के लिए अपने पैतृक स्थान गए हैं। हालांकि, जब उनसे विपक्ष के इस दावे को लेकर पूछा गया कि उनकी नजर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिकी हुई है तो वे बोले, 'विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है.....फडणवीस और मेरी इस पोस्ट पर कोई दिलचस्पी नहीं है....इस पद पर कोई वैकेंसी नहीं है, क्योंकि शिंदे उसपर पहले ही मौजूद हैं।'

चाचा-भतीजे में मुलाकात से गर्म हुई राजनीति
लेकिन, असल सियासी सुगबुगाहट इस सरकारी कार्यक्रम के बाद अजित पवार के अपने चाचा और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ हुई 'गुप्त मुलाकात' की वजह से शुरू हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मुलाकात पुणे में ही शनिवार शाम को एक बिल्डर के घर पर हुई। इस जानकारी के बाद कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने शरद पवार से अपना स्टैंड साफ करने की मांग की है।

दोनों पवारों की मुलाकात की खबरों से कांग्रेस परेशान
प्रदेश के कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, 'हमें नहीं पता कि दोनों नेताओं के बीच कोई मुलाकात हुई या नहीं..... लेकिन मीडिया के एक वर्ग ने जो तस्वीरें दिखाई हैं, उसने संदेह पैदा कर दिया है। अगर ऐसा हुआ है तो ये ज्यादा दिन तक राज नहीं रहेगा...।' कांग्रेस नेता का कहना है कि यह मुलाकात पारिवारिक नहीं रह गया है, क्योंकि दोनों अलग हो चुके हैं। मुलाकात की ये खबरें विपक्षी इंडिया गठबंधन के लिए परेशान करने वाला है कि इसी महीने मुंबई में ही इनकी तीसरी बैठक होने वाली है।

क्या महाराष्ट्र में फिर होगा नेतृत्व परिवर्तन ?
वहीं द न्यूइंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक शरद पवार ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एनसीपी के दोनों गुटों में विलय पर चर्चा के लिए अजित पवार से मुलाकात की। और इसी दौरान सीएम शिंदे के अहम सरकारी कार्यक्रम से गायब रहने की वजह से प्रदेश में फिर से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जानकारी के मुताबिक भतीजे से मुलाकात के दौरान बुजुर्ग पवार ने उन्हें बताया कि उनका गुट अजित के गुट में विलय नहीं करेगा। लेकिन, अन्य नेता अगर अजित पवार के साथ जुड़ते हैं तो उन्हें दिक्कत नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक अजित पवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा से अंदाजा लग चुका है कि उनके सीएम बनने के लिए उनके चाचा का समर्थन जरूरी होगा।

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जानकारी के मुताबिक बीजेपी की ओर से अजित पवार को यह भी संकेत दिया गया है कि या तो अपने चाचा को भाजपा के साथ तालमेल के लिए तैयार करें या फिर रिटायर होने के लिए मना लें। वहीं जानकारी के मुताबिक शरद पवार ने भतीजे के सामने शर्त रखी है कि उनके बीजेपी के साथ तालमेल से पहले वह अपना मुख्यमंत्री पद सुनिश्चित करें।

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