Baba Siddique:लॉरेंस गैंग से क्या मिले थे ऑर्डर? बाबा सिद्दीकी को गोली मारने वाले शूटर शिव का सबसे बड़ा खुलासा
Baba Siddique Murder Case: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को हुई गोली मारकर हत्या के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिव कुमार गौतम को उत्तर प्रदेश के बहराइच से 11 नवंबर को गिरफ्तार किया, जिसने अब पूछताछ में बाबा सिद्दीकी के मर्डर से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं।
शूटर शिव ने मुंबई पुलिस को बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने उसे यह काम सौंपा था। इसी के साथ लॉरेंस गैंग से उसे क्या ऑर्डर मिले थे? उसके बारे में भी शूटर ने खुलासा किया है। शूटर शिव वो ही है, जो बाबा सिद्दीकी की हत्या करने के बाद फरार हो गया था, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश में थी।

शूटर शिव ने मुंबई पुलिस को क्या बताया?
रविवार को बहराइच से गिरफ्तार किए गए शिव ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की संलिप्तता के बारे में मुंबई पुलिस को चौंकाने वाले जानकारी दी है। शूटर ने पूछताछ के दौरान बताया कि लारेंस बिश्नोई गैंग ने उसे बाबा सिद्दीकी या उसके बेटे जीशान सिद्दीकी की हत्या करने का काम सौंपा था।
शूटर के मुताबिक जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल ने उसे हत्या का काम सौंपा था। और निर्देश दिया था कि जो भी सबसे पहले मिले (बाबा सिद्दीकी या फिर जीशान) उसे गोली मार दें। पुलिस ने उसे पनाह देने और देश से भागने में मदद करने के आरोप में चार लोगों-अनुराग कश्यप, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव और अखिलेश प्रताप सिंह को भी गिरफ्तार किया है।

नेपाल भागने की फिराक में था शूटर
बाबा सिद्दीकी (66) की 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा इलाके में तीन हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। गौतम हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसी के साथ अब तक इस केस में उसे मिलाकर गिरफ्तार लोगों की संख्या 23 हो गई है। यूपी के विशेष कार्य बल की एक संयुक्त टीम ने बताया था था कि यह बहराइच के पास सीमा से नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था।
हत्या के बाद भागने की योजना कैसे बनाई?
शिव गौतम ने खुलासा किया था कि उसने दो साथियों के साथ मिलकर मुंबई में सिद्दीकी की गहन निगरानी की थी। 12 अक्टूबर को भीड़ भरे त्योहार के माहौल में उन्होंने एनसीपी नेता की हत्या करने का मौका भुनाया। हरियाणा के मूल निवासी गुरमेल सिंह और उत्तर प्रदेश के धर्मराज कश्यप अन्य दो शूटर थे, जिन्हें मौके पर ही हिरासत में लिया गया था। मुंबई पुलिस के अनुसार शिव कुमार ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद अपना हुलिया बदल लिया और काफी समय तक घटनास्थल पर हो रहे हंगामे को देखता रहा, पहचाने जाने से बचने के लिए भीड़ में घुलमिल गया। बाद में वह ऑटो से कुर्ला स्टेशन गया और ठाणे जाने वाली लोकल ट्रेन में सवार हो गया।
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ट्रेस होने से बचने के लिए फोन फेंका
ठाणे पहुंचने के बाद शिव पुणे जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गया और ट्रेस होने से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन फेंक दिया। वह पुणे में करीब सात दिन तक रहा, फिर ट्रेन से झांसी पहुंचा, जहां वह पांच दिन तक रहा। इसके बाद वह लखनऊ गया और अपने साथियों से संपर्क करने के लिए एक नया मोबाइल फोन खरीदा।
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11 दिन लखनऊ में रहा, फिर गिरफ्तार
शिव गौतम बहराइच जाने से पहले करीब 11 दिन लखनऊ में रहा, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथियों ने पास के एक गांव में उसके लिए सुरक्षित घर की व्यवस्था की थी। गौतम ने मुंबई से बहराइच जाने के लिए केवल सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के निर्देशों के बाद 10 नवंबर को नेपाल भागने की योजना बना रहा था।












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