Jaspal Rana को अंतिम विदाई देने पहुंचीं Manu Bhaker, पार्थिव देह देख फूट-फूटकर रोईं, फैंस की आंखें भी हुई नम
Manu Bhaker Video: भारतीय खेल जगत के सबसे सफल कोचों में से एक जसपाल राणा (Jaspal Rana) की अंतिम विदाई के समय बेहद भावुक और दिल झकझोर देने वाले वीडियो सामने आया है। पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रचने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर अपने गुरु और पिता समान मेंटर जसपाल राणा को अंतिम विदाई देने उत्तराखंड के पौंधा स्थित उनके आवास और शूटिंग एकेडमी पहुंचीं।
पार्थिव शरीर देख फूट-फूटकर रो पड़ीं मनु भाकर (Manu Bhaker Video)
जैसे ही मनु ने अपने मार्गदर्शक के पार्थिव शरीर को देखा, उनका सब्र टूट गया और वे फूट-फूटकर रो पड़ीं। सोशल मीडिया पर इस अंतिम विदाई के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसने पूरे खेल जगत को भावुक कर दिया है। जसपाल राणा ने ही भारतीय निशानेबाजी मनु को अर्श पर पहुंचाया था। मनु भाकर अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी के पीछे हमेशा जसपाल राणा के कड़े अनुशासन और रणनीतिक मार्गदर्शन को सबसे बड़ी वजह मानती रही हैं।

पार्थिव देह के पास बेसुध खड़ी रहीं मनु
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) द्वारा जसपाल राणा के निधन की पुष्टि किए जाने के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पौंधा स्थित उनकी एकेडमी में लाया गया। जैसे ही यह खबर मिली, मनु भाकर तुरंत वहां पहुंचीं। वहां मौजूद लोगों के मुताबिक मनु काफी समय तक अपने मेंटर के पार्थिव शरीर के पास खड़ी रहीं। वे लगातार अपने आंसुओं को रोकने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन गुरु को खोने का दुख उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था। शूटिंग बिरादरी और फैंस के लिए एक चैंपियन खिलाड़ी को इस तरह बेबसी में रोते देखना बेहद भावुक क्षण था।
इलाज के बाद भी नहीं बच सकी जान
49 वर्षीय जसपाल राणा का निधन शुक्रवार को कार्डियक रप्चर के कारण हुआ। वे हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ (ISSF) वर्ल्ड कप से भारतीय दल के साथ वापस लौट रहे थे, तभी फ्लाइट में उन्हें सीने में तेज दर्द और बेचैनी महसूस हुई। नई दिल्ली में विमान के लैंड करते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी ब्लॉक धमनी को खोलने के लिए आपातकालीन स्टेंट प्रोसीजर भी किया था। शुरुआती सुधार के बाद डॉक्टरों को उम्मीद थी कि वे ठीक हो जाएंगे, लेकिन शुक्रवार सुबह नींद के दौरान अचानक दिल की दीवार फटने (कार्डियक रप्चर) से खेल जगत का यह 'सुपर गुरु' हमेशा के लिए शांत हो गया।
अधूरी रह गई नई जिम्मेदारी
जसपाल राणा ने साल 2012 से ही जूनियर नेशनल पिस्टल टीम के कोच के रूप में देश को सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी दिए। हाल ही में उनकी प्रतिभा को देखते हुए NRAI ने उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का हाई-परफॉर्मेंस मुख्य कोच नियुक्त किया था। लेकिन भारतीय निशानेबाजी को एक नए विजन पर ले जाने का उनका यह सफर बीच में ही रुक गया। उनका असमय जाना भारतीय खेलों के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई आने वाले कई दशकों तक संभव नहीं होगी।















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