चुनाव से पहले ही शरद पवार को सताने लगा इस बात का डर

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने इस बात को स्वीकार किया है कि लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद महाविकास अघाड़ी ने का विस्तार तेजी से हुआ है, लेकिन विधानसभा चुनाव में मुश्किल हो सकती है। लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी ने महाराष्ट्र में 48 में से 30 सीटों पर जीत दर्ज की।

शरद पवार को उम्मीद है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी गठबंधन बहुमत हासिल कर सकता है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया है कि महायुति सरकार की लोकलुभावन योजनाएं हमारे लिए चुनौती पेश कर सकती हैं।

sharad pawar

एक इंटरव्यू में शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग बदलाव चाहते हैं, जिसके चलते 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी को बहुमत मिल सकता है। शरद पवार ने कहा कि लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत हासिल करना चाहते थे, लेकिन संविधान में संशोधन उन्हें भारी पड़ा।

कमजोर वर्ग के लोगों ने इस सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही जिस तरह से अल्पसंख्यकों के प्रति नरेंद्र मोदी का रुख है, उसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी को नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू पर निर्भर होना पड़ा क्योंकि वह बहुमत हासिल नहीं कर सके। इस स्पष्ट संदेश था कि लोग नरेंद्र मोदी और उनकी राजनीति से खुश नहीं थे। महाराष्ट्र में भी विपक्ष को काफी सीटों पर जीत मिली।

हालांकि लोकसभा चुनाव जैसा ही रुख विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा इसपर शरद पवार पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अभी मैं यह नहीं कह सकता हूं, सरकार ने अपनी सभी मशीनरी का इस्तेमाल किया, लोकलुभावन नीतियों जैसे लड़की बहिन योजना को शुरू किया, लोगों को पैसे दिए गए, जिसने माहौल को बदलने का काम किया। इसका कुछ असर हमारे सहयोगियों पर हो सकता है।

शरद पवार ने कहा कि मैं आपको एक घटना बताना चाहता हूं कि जब मैं यात्रा कर रहा था, मैंने 15-20 महिलाओं से बात की जो खेत में काम कर रही थीं, मैंने उनसे पूछा कि क्या आपको पैसा मिला, क्या आप खुश हैं। उन्होंने कहा कि हमें पैसा मिला, लेकिन सरकार ने एक हाथ से पैसा दिया और दूसरे हाथ से इसे वापस ले लिया।

हर चीजों के दाम बढ़ गए हैं। यह हर किसी की समस्या है। बेरोजगारों और किसानों को पैसा दिया जा रहा है। सरकार अलग-अलग वर्ग के लोगों को अलग अलग तरह से लुभाने की कोशिश कर रही है।

पवार ने विपक्ष को निशाना बनाने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग की आलोचना की और अपने परिवार के सदस्यों को फंसाए जाने के बारे में निजी किस्से साझा किए।

इसके अलावा पवार ने महाराष्ट्र में कपास और सोयाबीन किसानों की कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त की, और केंद्र सरकार के इस दावे पर सवाल खड़ा किया कि वित्तीय सहायता ने उनकी ज़रूरतों को पूरा कर दिया। उन्होंने कम फ़सल की कीमतों और बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य और इथेनॉल नीतियों की मांगों को पूरा करने में विफलता पर सवाल खड़ा किया।

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