'EVM के वोटों में अंतर है लेकिन मेरे पास कोई सबूत नहीं', महाराष्ट्र चुनाव में हार पर अब ये क्या बोले शरद पवार
Sharad Pawar News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार (30 नवंबर) को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के जरिए डाले गए वोटों में अंतर होने का आरोप लगाया है। शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में हार के बाद EVM के वोटों में अंतर तो है लेकिन हमारी पार्टी के पास इस संबंध में कोई सबूत नहीं है।
शरद पवार ने कहा, ''ईवीएम के वोटों में कुछ अंतर है लेकिन फिलहाल मेरे पास इस संबंध में कोई सबूत नहीं है। कुछ लोगों ने पुनर्मतगणना की मांग की है। इस मामले में जो भी संभव होगा, किया जाएगा। कुछ लोगों ने पुनर्मतगणना के लिए आवेदन किया है। देखते हैं इसमें क्या होता है लेकिन मुझे इससे ज्यादा उम्मीद नहीं है।" इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष कई कई नेताओं ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं।

शरद पवार ने कहा- महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों ने लोगों को हताश किया
शरद पवार ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में हाल के चुनावों ने लोगों को बहुत हताश कर दिया है और दावा किया कि उनमें निराशा है। शरद पवार ने कहा, "ऐसा पहली बार हुआ है, देश में हुए चुनावों ने लोगों को बहुत बेचैन कर दिया है, लोगों में निराशा है...हर दिन सुबह 11 बजे विपक्ष के नेता संसद में सवाल उठाते हैं। वे अपनी बात रखते हैं लेकिन संसद में उनकी मांगें नहीं मानी जा रही हैं और इसका साफ मतलब है कि संसदीय लोकतंत्र का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।"
पुणे में संवाददाताओं से शरद पवार ने कहा, ''अगर यह इसी तरह जारी रहा, तो यह सही नहीं है और इसके लिए हमें लोगों के बीच जाना होगा और उन्हें जागरूक करना होगा।
कांग्रेस पार्टी ने कहा- चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से गंभीर समझौता हुआ
इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने यह दावा करते हुए कि "सम्पूर्ण चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से गंभीर समझौता किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की आलोचना की और कहा कि वो "राष्ट्रीय आंदोलन" शुरू करेंगे।
कांग्रेस ने एक बयान में कहा, "कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) का मानना है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की शुचिता से गंभीर समझौता किया जा रहा है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एक संवैधानिक अनिवार्यता है, जिस पर चुनाव आयोग की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण गंभीर सवाल उठ रहे हैं। समाज के बढ़ते हुए वर्ग हताश और अत्यधिक आशंकित हो रहे हैं। कांग्रेस इन जन चिंताओं को एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उठाएगी।"












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