Maharashtra News: 'यह आपसी फैसला था, हमारे समय में...', 1978 की बगावत पर शरद पवार ने अजीत पवार पर किया पलटवार
Maharashtra News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार ने सोमवार को अजीत पवार पर कटाक्ष किया। उन्होंने 1978 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल के खिलाफ उठाए गए उनके कदम का संदर्भ देने को लेकर अजीत पवार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह कोई विद्रोह नहीं था, बल्कि आपसी परामर्श के बाद लिया गया फैसला था।
शरद पवार ने कहा कि हमारे समय में कोई बगावत नहीं थी। हम बैठकर फैसले लेते थे। यह आपसी फैसला था इसलिए किसी की शिकायत का सवाल ही नहीं था। विपक्षी गठबंधन इंडिया के पास प्रधानमंत्री पद का कोई चेहरा नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा कि 1977 के लोकसभा चुनाव में भी किसी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश नहीं किया गया था।

बता दें कि पार्टी से बगावत करने को लेकर अजीत पवार ने शरद पवार पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि 1978 में शरद पवार 40 विधायकों के साथ सरकार से बाहर हो गए थे, इसके साथ ही वसंतदादा पाटिल की सरकार गिर गई थी। इसके बाद 18 जुलाई 1978 को एनसीपी सुप्रीमो ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह 38 साल की ही उम्र में मुख्यमंत्री बन गए थे।
2 जुलाई को एनसीपी को तोड़कर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने वाले अजीत पवार ने कहा कि उन्होंने ऐसा 60 पार करने के बाद किया है। जबकि कुछ लोग 38 साल की उम्र में उस रास्ते पर चले गए। डिप्टी सीएम अजीत पवार ने दावा किया कि यशवंतराव चव्हाण ने शरद पवार के कदम का विरोध किया था, क्योंकि वसंतदादा पाटिल जैसे नेता को किनारे कर दिया गया था।
वसंतदादा एक अच्छे नेता थे, लेकिन उन्हें अलग रखा गया। ऐसा नहीं है कि पहले किसी ने इस तरह का कदम नहीं उठाया जैसा मैंने उठाया था। मैंने 60 साल की उम्र पार करने के बाद यह फैसला लिया, इसलिए हर किसी को इसकी जरूरत है।












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