Maharashtra Politics: Sharad Pawar ने अजीत पवार संग गठबंधन की अटकलों को किया खारिज, BJP को लेकर कह दी ये बात
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर चाचा-भतीजे की जोड़ी सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह किसी राजनीतिक गठबंधन की नहीं, बल्कि उसके सख्त खंडन की है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख और दिग्गज नेता शरद पवार (Sharad Pawar) ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह कभी भी BJP नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन नहीं करेंगे।
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में शरद पवार और उनके भतीजे, राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मुंबई में एक पारिवारिक कार्यक्रम में एक साथ नजर आए थे।

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था, लेकिन पवार सीनियर ने इन कयासों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी किसी भी सूरत में उन नेताओं के साथ नहीं जाएगी, जिन्होंने सत्ता के लिए BJP का हाथ थामा है। यह सियासी बयान न सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं पर विराम लगा दिया।
पवार भाईयों की मुलाकात से अटकलें तेज
3 अगस्त को मुंबई में शरद पवार के पोते युगेंद्र पवार की सगाई समारोह में NCP (SP) प्रमुख शरद पवार और अजित पवार एक साथ मंच पर नजर आए। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या दोनों गुटों के बीच सुलह के संकेत हैं। हालांकि, शरद पवार ने इन अटकलों को एक बार फिर नकार दिया।
यह पहली बार नहीं है जब शरद पवार (Sharad Pawar) ने ऐसे कयासों को खारिज किया हो। जून 2025 में भी उन्होंने साफ किया था कि उनका गुट किसी भी ऐसे नेता या पार्टी के साथ नहीं जाएगा जिसने सत्ता के लिए BJP से हाथ मिलाया हो। उनका इशारा सीधे तौर पर अजित पवार गुट की ओर था, जो वर्तमान में महाराष्ट्र में महायुति सरकार का हिस्सा है।
2023 में हुआ था NCP का विभाजन
अजित पवार ने जुलाई 2023 में NCP से अलग होकर BJP-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गठबंधन का दामन थाम लिया था। उस समय वह कई विधायकों के साथ अलग हुए थे और महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा बन गए थे। इस घटना के बाद से ही दोनों गुटों के बीच सियासी दूरी बनी हुई है, हालांकि पारिवारिक आयोजनों में कभी-कभी मुलाकात हो जाती है।
महाराष्ट्र में 2024 लोकसभा चुनाव और 2024 विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक परिदृश्य लगातार बदल रहा है। ऐसे में शरद पवार और अजित पवार के बीच हर मुलाकात पर राजनीतिक चर्चा होना लाजमी है। लेकिन शरद पवार के ताजा बयान ने फिलहाल इन अटकलों पर ब्रेक लगा दिया है।












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