शरद पवार ही रहेंगे NCP प्रमुख, पार्टी पैनल ने नेतृत्व जारी रखने का किया अनुरोध
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष के पद से शरद पवार के इस्तीफा देने के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल सा आ गया है। इस बीच एक बडी खबर सामने आ रही है।

महाराष्ट्र की राजनीति में आज नया अध्याय जुड़ गया है। राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष के पद से शरद पवार के इस्तीफा देने के बाद तीसरे दिन यानी शुक्रवार को पार्टी की मीटिंग बुलाई गई। कोर कमेटी की मीटिंग में शरद का इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया। प्रस्ताव पास किया गया कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ही रहेंगे। साथ ही कहा है कि शरद पवार अपना इस्तीफा वापस लेकर अध्यक्ष बने रहें। पार्टी का दोबारा से नेतृत्व करें।
एनसीपी के वरिष्ठ प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि पवार ने पार्टी के अध्यक्ष के रूप में पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की। हम सर्वसम्मति से इस्तीफे को खारिज करते हैं। हमने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि हम उनसे पार्टी अध्यक्ष के रूप में बने रहने का अनुरोध करते हैं। आगे यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कई शीर्ष नेता अजीत पवार, सुप्रिया सुले और यहां तक कि उनके पास पहुंचे और अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। हमने सभी जिलों से कैडर की भावनाओं को देखा है। सभी ने व्यक्त किया है कि उन्हें (पार्टी प्रमुख के रूप में) पद नहीं छोड़ना चाहिए।
बैठक में ये सदस्य हुए शामिल
समिति में पटेल, सुनील तटकरे, केके शर्मा, अजीत पवार, जयंत पाटिल, सुले, छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटिल, अनिल देशमुख, राजेश टोपे, जितेंद्र आव्हाड, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, जयदेव गायकवाड़, नरहरि शामिल थे।
दो मई को दिया था शरद पवार ने इस्तीफा
शरद पवार ने एनसीपी प्रमुख के पद से दो मई को इस्तीफे का ऐलान किया था। उस वक्त अजीत पवार ने पूर्व के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि अगला पार्टी प्रमुख शरद पवार के अधीन काम करेगा। बयान तुरंत पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के भावनात्मक विरोध के साथ मिला, जिन्होंने अनुभवी सांसद से अपने फैसले को वापस लेने का आग्रह किया। जयंत पाटिल ने कहा था कि भले ही शरद पवार ने फैसला ले लिया है, लेकिन महाराष्ट्र और अन्य जगहों के लोग उनसे अपना फैसला वापस लेने का अनुरोध कर रहे हैं।












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