1034 करोड़ के घोटाले की जांच की आंच संजय राउत के घर तक पहुंची, बेटियों के बिजनेस पार्टनर के घर छापा
मुंबई। महाराष्ट्र में भूमि घोटाले की जांच की आंच में शिवसेना नेता संजय राउत के बेटियों तक पहुंच गई है। यह पूरा मामला 1 हजार 34 करोड़ के भूमि घोटाले का है। ईडी यानी कि प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में प्रवीण राउत नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया है। बताया जाता है कि प्रवीण राउत संजय राउत का करीबी है। इसके अलावा ईडी ने सुजीत पाटकर नाम के युवक के ठिकानों पर भी तलाशी ली। सुजीत संय राउत की बेटी पूर्वशी और विदिता के फर्म में पार्टनर है।

बताया जा रहा है कि प्रवीण राउत की पत्नी के खाते में संजय राउत की पत्नी के अकाउंट से पैसे ट्रांसफर किए गए थे। ईडी को इसके भी सबूत मिले हैं। प्रवीण राउत का रियल एस्टेट का कारोबार है। पुलिस का कहना है कि प्रवीण पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा था। इसलिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पिछले 16 वर्षों से सुजीत पाटकर संजय राउत की बेटियों पूर्वशी और विदिता के साथ उनकी वाइन कंपनी मैगपाई डीएफएस प्राइवेट लिमिटेड में पार्टनर रह चुके हैं। पाटकर की पत्नी और संजय राउत की पत्नी ने संयुक्त रूप से अलीबाग में जमीन खरीदी है।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि राउत को मुंबई में एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे नौ फरवरी तक आठ दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सहायक कंपनी है।
पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक में लगभग 4,300 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के संबंध में ईडी और कुछ अन्य एजेंसियां एचडीआईएल की जांच कर रही हैं। ईडी ने कहा कि कंपनी (गुरु आशीष) ने चॉल को फिर से विकसित करने के लिए किरायेदारों और MHADA के साथ "त्रिपक्षीय समझौता" किया था।
प्रवीन राउत ने राकेश कुमार वधावन और गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सारंग वधावन के साथ मिलकर अन्य लोगों के साथ मिलकर 1,034 करोड़ रुपये में विभिन्न बिल्डरों को एफएसआई (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) बेचा। आरोप लगाया कि यह MHADA को सौंपे जाने वाले पुनर्वसन फ्लैटों और फ्लैटों का निर्माण किए बिना किया गया था।
पूरा मामला यह है कि हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की एक उप कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके जमीन के फ्लोर स्पेस इंडेक्स में फेरबदल कर दिया। इस कंपनी को सिद्धार्थनगर इलाके में एक चॉल को विकसित करने का काम सौंपा गया था। वहां रहने वाले लोगों को बिना फ्लैट दिये ही उनकी जमीन बेच दी गई। इस मामले में ईडी ने पहले ही प्रवीण राउत की 72 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है।












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