Rupali Chakankar की बहन प्रतिभा स्वयंभू बाबा आशोक खरात केस में फंसी, 132 फर्जी खाते, 62 करोड़ का लेनदेन
Ashok Kharat case: नासिक के जालसाज ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े मामले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। अशोक खरात से जुड़े बहुचर्चित मामले में वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। इस पूरे प्रकरण में 132 बैंक खाते खोले गए थे, जिनके माध्यम से कुल 62 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। अशोक खरात को अपना गुरु मानने वाली महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर से शिर्डी पुलिस ने गहन पूछताछ की है। इस मामले में संदिग्ध खाताधारक प्रतिभा चाकणकर और उनके बेटे तन्मय चाकणकर से सवाल पूछे गए।

प्रतिभा चाकणकर और बेटे के नाम हैं संदिग्ध खाते
शिर्डी पुलिस ने समता पतसंस्था में कथित फर्जी खातों के संबंध में उनसे गहन पूछताछ की है। इस मामले से संबंधित उनकी संभावित भूमिका या जानकारी को लेकर कई सवाल पूछे। प्रतिभा चाकणकर से लगभगआठ घंटे तक चली लंबी पूछताछ में समता पतसंस्था में उनके और उनके बेटे के नाम पर खोले गए संदिग्ध खातों के बारे में सवाल पूछे गए।
132 फर्जी खाते, 62 करोड़ का लेनदेन
सूत्रों के मुताबिक, जिन 132 बैंक खातों का पता चला है, वे कथित तौर पर विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम पर खोले गए थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल 62 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेन-देन श्रृंखला के लिए किया गया। जांच दल अब इन सभी खातों के वित्तीय प्रवाह, धन के स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का बारीकी से विश्लेषण कर रहा है ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके।
प्रतिभा चाकणकर और परिवार के नाम पर कुल चार संदिग्ध अकाउंट
हालांकि, चाकणकर के दावों के उलट चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि समता पतसंस्था में प्रतिभा चाकणकर और उनके परिवार के नाम पर कुल चार खाते हैं - दो प्रतिभा के स्वयं के, और अन्य दो उनके बच्चों के नाम पर। इन खातों से दो करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेन-देन उजागर हुए हैं।
प्रतिभा चाकणकर बोलीं- मैंने हस्ताक्षर भी नहीं किए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रतिभा चाकणकर ने अपने ऊपर लगे सभी वित्तीय आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दृढ़ता से दावा किया कि उन्होंने न तो कभी समता पतसंस्था में खाता खोला है और न ही प्रतिभा चाकणकर ने सफाई दी कि उनके नाम के खाते 'बनावट' हैं और उन पर 'मैंने हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं'। उन्होंने जोर देकर कहा, "मैंने एक रुपये का भी लेन-देन नहीं किया है।"
चाकणकर ने यह भी बताया कि उन्हें शिर्डी पुलिस से अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला, और वे मीडिया की ख़बरें देखकर जवाब देने आई हैं।
वहीं जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक चरण है और आने वाले समय में और अधिक खुलासे होने की संभावना है। मामले से जुड़े अन्य प्रमुख व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है तथा आवश्यक न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी ताकि सभी तथ्यों को उजागर किया जा सके और वित्तीय अनियमितताओं में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो












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