बागी विधायकों ने उद्धव ठाकरे को लिखा खुला पत्र, भावुक भाषण पर कसा तंज
मुंबई, 23 जून। महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट के बीच बागी विधायकों का पत्र सामने आया है जो उन्होंने उद्धव ठाकरे के नाम लिखी है। पत्र में लिखा गया है कि जब हिंदुत्व और राम मंदिर का मुद्दा पार्टी के लिए काफी अहम है तो पार्टी ने हमे आखिर अयोध्या जाने से क्यों रोका, हमे राम लला के दर्शन करने से क्यों रोका गया। जब आदित्य ठाकरे अयोध्या के दौरे पर गए थे तो हमे वहां जाने से रोका गया। विधायक ने उद्धव ठाकरे से नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र में कहा कि हमे उनसे मिलने तक का समय नहीं दिया जाता था। ढाई साल तक हमारे लिए वर्षा बंगले के दरवाजे बंद रहे, हमारी अनदेखी की गई।

विधायकों के इस पत्र को एकनाथ शिंदे ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। पत्र में लिखा गया है कि शिवसेना का मुख्यमंत्री था बावजूद इसके पार्टी के विधायकों को मिलने के लिए वर्षा बंगले में मौका नहीं दिया जाता था। मुख्यमंत्री के करीब के लोग तय करते थे कि किसे मिलने दिया जाए और किसे नहीं। हमारा अपमान किया गया। मुख्यमंत्री सचिवालय में रहने के बजाए मातोश्री में रहते थे। हम मुख्यमंत्री के करीबी लोगों को फोन करते थे लेकिन वह हमारे फोन नहीं उठाते थे। हम इससे आजिज आ गए थे, यही वजह है कि हमने एकनाथ शिंदे का रुख किया। हम मुख्यमंत्री से मिल नहीं पाते थे, लेकिन जो हमारे सच में विरोधी थे, कांग्रेस और एनसीपी के विधायक उन्हें मिलने का मौका दिया जाता था, विधायक फंड भी उन्हें ही दिए जाते थे। हमारी विधानसभा क्षेत्र के लोग पूछते थे कि आपको फंड क्यों नहीं मिलता है जबकि दूसरों को मिलता है।
जिस तरह से फेसबुक लाइव के जरिए उद्धव ठाकरे ने भावुक भाषण दिया था उसका एकनाथ शिंदे ने मखौल उड़ाया है। शिंदे ने तीन पेज का पत्र ट्वीट किया है। शिंदे ने इसमे कहा कि यह है सच्चाई और ये चाहते हैं विधायक। शिंदे ने कहा कि हम लौटेंगे नहीं। पत्र में प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल खड़ा किया गया है। इसमे कहा गया है कि अधिकारी हमे सम्मान नहीं देते थे। एनसीपी और कांग्रेस के सामने हमे अपमानित किया जाता था। इस मुश्किल समय में एकनाथ शिंदे ने हमारा साथ दिया। आपने जो कुछ कल कहा, वह बहुत भावुक था, लेकिन हमारे सवालों का जवाब उसमे नहीं था। यही वजह है कि हमने अपनी भावनाएं इस पत्र में जाहिर किया है।












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