पुणे के 'शनिवारवाड़ा' का क्‍या है इतिहास? जहां मुस्लिम महिलाओं ने पढ़ी नमाज तो भड़के हिंदू संगठन और भाजपा

Pune Shaniwar Wada Fort History: पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा में मुस्लिम महिलाओं ने नमाज पढ़ी, जिसके बाद बवाल मच गया है। इस घटना के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों और भाजपा ने शनिवार वाड़ा के पूरे परिसर का गूऊमूत्र से शुद्धिकरण किया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाराष्‍ट्र में एक बार फिर धर्म को लेकर राजनीति गरमा गई है। वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पार्टी एनसीपी ने भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जानिए आखिर पुणे के शनिवार वाड़ा का इतिहास क्‍या है और मु

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पहले बता दें, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें शनिवारवाड़ा के ऊपरी हिस्से में कुछ मुस्लिम महिलाएं नमाज पढ़ती दिखाई दीं। यह घटना शनिवार दोपहर 1.45 बजे की बताई गई है। जिसके बाद भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने सैकड़ों समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया और परिसर का गोमूत्र छिड़ककर शुद्धिकरण किया और प्रदर्शनकारियों ने शिव वंदना की।

पुणे पुलिस में शिकायत दर्ज

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पुणे सिटी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष नियम, 1959 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और नमाज पढ़ने वाली महिलाओं की पहचान की जा रही है।

Shaniwar Wada

पुणे के शनिवारवाड़ा का क्‍या है इतिहास?

शनिवारवाड़ा किला मराठा साम्राज्य के छत्रपति शाहू महाराज के सेनापति पेशवा बाजीराव प्रथम द्वारा निर्मित एक ऐतिहासिक स्थल है। इसकी नींव 1730 में रखी गई थी और निर्माण 1732 में पूरा हुआ। सात मंजिला संरचना पत्‍थरों से बनाई गई लेकिन राजा के पास शिकायतें पहुंचने के बाद, इसकी ऊपरी मंजिलें ईंटों से बनाई गईं।

यह संरचना ब्रिटिश तोपखाने के हमले का सामना नहीं कर पाई और केवल इसकी पत्थर की नींव ही बची रही। 1818 में, तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने इस पर नियंत्रण कर लिया। 1828 में लगी भीषण आग ने महल को पूरी तरह नष्ट कर दिया, और आज केवल इसके विशाल ग्रेनाइट प्राचीर, गहरी नींव और कुछ लकड़ी के द्वार ही बचे हैं।

18वीं शताब्दी में तैयार करने में कितनी लगी थी लागत?

शनिवारवाड़ा, जो कभी पुणे के इतिहास और संस्कृति का प्रतीक था, किंवदंतियों और रहस्यों से भरा है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी में 16,110 रुपये की लागत से किया गया था। इस भव्य संरचना में पांच विशाल द्वार, स्तंभ, संगमरमर के फर्श और जटिल नक्काशी वाले फव्वारे शामिल थे।

'बाजीराव मस्तानी' फिल्‍म की शूटिंग के बाद बढ़ी लो‍कप्रियता

साल 2015 की मशहूर फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' ने पेशवा बाजीराव प्रथम और उनकी दूसरी पत्नी मस्तानी की प्रेम कहानी को पर्दे पर जीवंत कर दिया था। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े सितारे मुख्य भूमिका में थे।

फिल्म की शूटिंग शनिवारवाड़ा में हुई थी, जो पेशवाओं का ऐतिहासिक महल है। इस फिल्म के बाद शनिवारवाड़ा में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दर्शकों ने बड़े पैमाने पर इस ऐतिहासिक स्थल का दौरा करना शुरू कर दिया है, जिससे इसकी लोकप्रियता में खासा इजाफा हुआ है।

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